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कनाडा के जवाबी टैरिफ से व्यापारिक तनाव बढ़ा, कैनेडियन डॉलर और सप्लाई चेन पर दबाव

कनाडा ने अमेरिकी आयातों पर 27.6 अरब कैनेडियन डॉलर के जवाबी टैरिफ मंगलवार से लागू कर दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। इस कदम ने कैनेडियन डॉलर (CAD) पर तत्काल दबाव डाला है और उत्तरी अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए जोखिम बढ़ा दिया है, जिससे निवेशक लागत बढ़ने और सीमा पार व्यापार में बाधाओं का आकलन कर रहे हैं।
बाजार पर तत्काल प्रभाव
टैरिफ लागू होने की खबर के बाद, विदेशी मुद्रा बाजार में कैनेडियन डॉलर में कमजोरी देखी गई। Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, USD/CAD विनिमय दर 0.27% बढ़कर 1.3876 पर पहुंच गई, जो 19 अगस्त के बाद से कैनेडियन डॉलर का सबसे निचला स्तर है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में वार्षिक मुद्रास्फीति दर 3.7% दर्ज की गई है, जिससे वायदा कारोबारियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। व्यापक बाजार में, S&P 500 सूचकांक में 0.4% की गिरावट आई, जो व्यापारिक घर्षण के कारण निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
कमोडिटी और सप्लाई चेन में हलचल
इन टैरिफ का असर सिर्फ मुद्रा बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कमोडिटी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।
Ad- तांबा: लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबे की वायदा कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। यह उछाल सट्टा खरीद और अमेरिकी रिफाइंड तांबे पर टैरिफ की चिंताओं से प्रेरित था। नतीजतन, प्रमुख तांबा उत्पादक फ्रीपोर्ट-मैकमोरन (Freeport-McMoRan Inc) के शेयरों में 7.4% की भारी तेजी आई। मई के अंत से LME के गोदामों में तांबे के स्टॉक में 40% की गिरावट ने भी कीमतों में अस्थिरता को बढ़ा दिया है।
- ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स: ऊर्जा सुरक्षा एक रणनीतिक प्राथमिकता बन गई है, जैसा कि हाल के ओपेक संकेतों और एक उत्तरी अमेरिकी तेल संयुक्त उद्यम में पेंटागन की सीधी हिस्सेदारी से स्पष्ट है। इसके अलावा, यूनियन पैसिफिक कॉर्पोरेशन जैसी रेलवे और शिपिंग कंपनियों के लिए ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण ईंधन अधिभार बढ़ रहा है, जो दर्शाता है कि व्यापार तनाव का दबाव आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से फैल रहा है।
आर्थिक संदर्भ और आगे की राह
यह व्यापारिक टकराव मिश्रित आर्थिक संकेतों के बीच हो रहा है। जहां एक ओर कनाडा का आईवे पीएमआई (Ivey PMI) बढ़कर 64.3 हो गया, वहीं दूसरी ओर रोजगार के आंकड़ों में 41,700 की कमी आई और बेरोजगारी दर 6.4% पर बनी हुई है। अमेरिका में, 3.3% की कोर PCE मुद्रास्फीति फेडरल रिजर्व को अपने आक्रामक रुख पर कायम रहने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
विश्लेषक अब 8 सितंबर को लागू होने वाले टैरिफ के अगले दौर पर नजर रख रहे हैं, जिससे कैनेडियन डॉलर पर और दबाव पड़ने और कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है। 2018 के इस्पात और एल्यूमीनियम टैरिफ विवाद की तुलना में, मौजूदा व्यापारिक घर्षण का दायरा व्यापक है, जिसमें अधिक वस्तुओं पर उच्च दरें लगाई गई हैं, जिससे लंबी अवधि के लिए आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और आयातित लागत मुद्रास्फीति का जोखिम काफी बढ़ गया है।