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BofA रिपोर्ट: अमेरिका-चीन के बाद दक्षिण कोरिया और UAE AI के सबसे बड़े दावेदार

बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन अब भी सबसे आगे हैं, लेकिन कुछ अन्य देश AI विकास के अगले चरण से लाभ उठाने के लिए मजबूत दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं। रिपोर्ट में इन दो महाशक्तियों के अलावा दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सबसे प्रमुख दावेदारों के रूप में पहचाना गया है।
अमेरिका और चीन से आगे की दौड़
BofA के अनुसार, AI का परिदृश्य तेजी से अमेरिका और चीन के आसपास केंद्रित हो रहा है। वाशिंगटन निजी निवेश, उन्नत चिप्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी बढ़त बनाए हुए है, जबकि बीजिंग को विनिर्माण क्षमता, कम ऊर्जा लागत और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण में प्रभुत्व का लाभ मिल रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य अर्थव्यवस्थाएं इन दो नेताओं को सीधे चुनौती देने के बजाय, सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, डेटा-सेंटर में निवेश और अपनी अर्थव्यवस्थाओं में AI को व्यापक रूप से अपनाकर AI-संचालित विकास को पकड़ने के लिए खुद को तैयार कर रही हैं।
प्रमुख दावेदार: दक्षिण कोरिया और UAE
बैंक ऑफ अमेरिका ने अमेरिका और चीन के बाहर के देशों में, दक्षिण कोरिया को छोटी और लंबी, दोनों अवधियों के लिए सबसे मजबूत समग्र AI दावेदार के रूप में पहचाना है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
Ad- दक्षिण कोरिया: यह देश सेमीकंडक्टर विनिर्माण में अपनी विशेषज्ञता, तेजी से बढ़ते AI एडॉप्शन, सहायक सरकारी नीतियों और AI को दीर्घकालिक उत्पादकता लाभ में बदलने की क्षमता का एक अनूठा संयोजन प्रस्तुत करता है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): भारी सरकारी निवेश, प्रचुर ऊर्जा संसाधन और दुनिया में सबसे अधिक AI अपनाने की दरों में से एक के कारण UAE एक और प्रमुख दावेदार है। हालांकि, रिपोर्ट में भू-राजनीतिक जोखिमों को एक प्रमुख अनिश्चितता के रूप में नोट किया गया है।
इनके अलावा कनाडा, जर्मनी, इज़राइल, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम को भी AI नेताओं के एक मजबूत दूसरे स्तर का हिस्सा बताया गया है।
भारत की दीर्घकालिक संभावनाएं
उभरते बाजारों में, BofA ने भारत को सबसे स्पष्ट दीर्घकालिक AI दावेदार के रूप में उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में वर्तमान में कुछ एशियाई देशों की तरह सेमीकंडक्टर विनिर्माण का आधार नहीं है, लेकिन यह पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े AI एडॉप्शन बाजारों में से एक है और इसका प्रसार स्तर कई उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के बराबर है।
मजबूत नीतिगत समर्थन और रोजगार सृजन भारत के दीर्घकालिक AI दृष्टिकोण में काफी सुधार कर सकते हैं। हालांकि, श्रम-बाजार में व्यवधान एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट में ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और जापान को वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण से निकट-अवधि के लाभार्थियों के रूप में भी पहचाना गया है, लेकिन इन देशों को अपने फायदों को व्यापक उत्पादकता लाभ में बदलने में अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।