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जोखिम धारणा में सुधार से बिटकॉइन $63,000 के पार, लगभग 2% की बढ़त

गुरुवार को बिटकॉइन की कीमत में लगभग 2% की तेजी आई और यह $63,352 के स्तर को पार कर गई, क्योंकि बाजार में जोखिम की धारणा में सुधार हुआ। यह सकारात्मक बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान ने एक समझौते के लिए वाशिंगटन से संपर्क किया है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव कम हो गया और तेल की कीमतों में भी गिरावट आई।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी से राहत
Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़त पिछले सत्र में हुई लगभग 2% की गिरावट के बाद आई है। पहले, ट्रम्प ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को "खत्म" बताते हुए तनाव बढ़ा दिया था। हालांकि, उनके नवीनतम बयानों ने कि ईरान "बुरी तरह से एक सौदा करना चाहता है", बाजार की चिंताओं को शांत कर दिया।
इस घटनाक्रम का असर तेल बाजार पर भी पड़ा, जहां कीमतें तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से नीचे आ गईं। निवेशकों को उम्मीद है कि दोनों पक्ष पूर्ण सैन्य संघर्ष से बचेंगे, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए माहौल बेहतर हुआ है।
बाजार के प्रमुख संकेतक
Nexo Dispatch के विश्लेषक इलिया कालचेव ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार ने भू-राजनीतिक झटकों के बावजूद उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। उन्होंने बताया कि यह दूसरी तिमाही के पैटर्न से एक बदलाव है, जब ऐसी कोई भी खबर क्षेत्र से पूंजी निकाल देती थी।
Adकालचेव ने कुछ महत्वपूर्ण संरचनात्मक संकेतों पर भी प्रकाश डाला:
- फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट: Glassnode के आंकड़ों का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि बिटकॉइन फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट घटकर लगभग $30 बिलियन हो गया है, जो बताता है कि मौजूदा तेजी लीवरेज के बजाय स्पॉट डिमांड (हाजिर मांग) से प्रेरित है।
- एक्सचेंज पर सप्लाई: सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर रखे गए बिटकॉइन की सप्लाई 2017 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गई है, जो कुल सर्कुलेटिंग सप्लाई का लगभग 6.6% है। ऐतिहासिक रूप से, एक्सचेंजों से बिटकॉइन की निकासी को बिक्री के दबाव में कमी और आगामी तेजी के दौर का संकेत माना जाता है।
फेडरल रिजर्व और अन्य क्रिप्टोकरेंसी
फेडरल रिजर्व की जून बैठक के मिनट्स भी बाजार के लिए एक सकारात्मक कारक रहे, जिन्हें विश्लेषकों ने उम्मीद से कम आक्रामक (less hawkish) माना। इससे भी जोखिम वाली संपत्तियों को समर्थन मिला।
बिटकॉइन की इस तेजी का असर व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर भी दिखा। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम (Ethereum) में 0.6% की बढ़त देखी गई, जबकि XRP और सोलाना (Solana) में क्रमशः 0.6% और 1.2% की वृद्धि हुई।