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ऑस्ट्रेलियाई M&A: 2026 में निजी इक्विटी और विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई गतिविधियां

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों में निजी इक्विटी फर्मों और विदेशी निवेशकों की ओर से अधिग्रहण की दिलचस्पी में भारी वृद्धि देखी गई है। हालांकि, इन प्रस्तावों में से कुछ ही शुरुआती चरण से आगे बढ़ पाए हैं, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच मूल्यांकन को लेकर मतभेद का संकेत देता है।
प्रमुख सौदे और प्रस्ताव
इस साल कई हाई-प्रोफाइल अधिग्रहण प्रस्ताव सामने आए हैं, जिन्होंने बाजार का ध्यान खींचा है। इनमें से कुछ सफल हुए, जबकि कई को कंपनियों के बोर्ड ने अस्वीकार कर दिया।
- Steadfast: कंपनी ने अगस्त के अंत में KKR समर्थित कंसोर्टियम से A$7.7 बिलियन ($5.50 बिलियन) के अधिग्रहण प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
- Reliance Worldwide: प्लंबिंग सप्लाई कंपनी ने सितंबर के मध्य में वैश्विक निवेश फर्म ब्रुकफील्ड (Brookfield) से लगभग $2.9 बिलियन के बायआउट पर सहमति व्यक्त की।
- BlueScope Steel: स्टील उत्पादक ने जनवरी की शुरुआत में मिले A$13.15 बिलियन ($9.37 बिलियन) के प्रस्ताव को फरवरी में यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कीमत अपर्याप्त थी।
- Cleanaway Waste Management: कंपनी को अगस्त में EQT इंफ्रास्ट्रक्चर से A$9.4 बिलियन ($6.70 बिलियन) का प्रस्ताव मिला और उसने विशेष ड्यू डिलिजेंस (due diligence) की अनुमति दी।
- Ingenia Communities: कंपनी ने सितंबर में अमेरिकी निजी इक्विटी फर्म वारबर्ग पिंकस (Warburg Pincus) के A$1.94 बिलियन ($1.39 बिलियन) के प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि यह कंपनी का अवमूल्यन करता है।
- Suncorp: फाइनेंशियल टाइम्स ने अगस्त में रिपोर्ट दी कि जापानी बीमाकर्ता टोकियो मरीन (Tokio Marine) ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनी सनकॉर्प को एक पसंदीदा अधिग्रहण लक्ष्य के रूप में पहचाना है, हालांकि बातचीत को लेकर कोई निश्चितता नहीं है।
Adबाजार का रुझान और निहितार्थ
अधिग्रहण की यह लहर दर्शाती है कि वैश्विक निवेशक ऑस्ट्रेलियाई संपत्तियों को आकर्षक मान रहे हैं, जिसका कारण स्थिर अर्थव्यवस्था और मजबूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स हो सकते हैं। निजी इक्विटी फंड, जिनके पास बड़ी मात्रा में नकदी है, विशेष रूप से सक्रिय रहे हैं।
हालांकि, कई सौदों का अटकना यह भी संकेत देता है कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के बोर्ड उच्च मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं। वे मौजूदा प्रस्तावों को अपनी कंपनियों की वास्तविक क्षमता से कम आंक रहे हैं और बेहतर कीमत के लिए बातचीत करने या स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने को तैयार हैं। यह स्थिति निवेशकों के लिए बाजार की गतिशीलता पर नजर रखने का एक महत्वपूर्ण कारण है, क्योंकि मूल्यांकन को लेकर यह खींचतान भविष्य के सौदों की दिशा तय करेगी।