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फेड के फैसले से पहले एशियाई बाजारों में मामूली तेजी, तेल की रैली पर लगा ब्रेक

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के अहम ब्याज दर फैसले से पहले बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया और जापान के बाजारों में हुई खरीदारी ने हाल के नुकसान से उबरने में मदद की, जबकि तेल की कीमतों में आई तेजी पर भी लगाम लगी।
फेड के फैसले पर टिकीं बाजार की नजरें
बाजार काफी हद तक यह मानकर चल रहा है कि फेडरल रिजर्व अपनी बैठक में ब्याज दरों में 25-आधार-अंक (basis-point) की बढ़ोतरी करेगा। Investing.com के अनुसार, इसकी संभावना 92.4% है, जो एक हफ्ते पहले के 59.4% से काफी ज्यादा है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2023 के बाद पहली दर वृद्धि होगी।
इस फैसले का असर बॉन्ड बाजार पर भी दिख रहा है। मंगलवार को अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (U.S. 10-year Treasury yield) 2007 के बाद पहली बार संक्षिप्त रूप से 5% के पार पहुंच गया, हालांकि बाद में यह थोड़ा नरम होकर 4.99% पर आ गया। यह सप्ताह वैश्विक मौद्रिक नीति (global monetary policy) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फेड के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान भी अपने फैसले सुनाएंगे।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
बुधवार के कारोबार में अधिकांश एशियाई सूचकांकों में बढ़त देखने को मिली।
Ad- MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में लगभग 0.2% की वृद्धि हुई।
- दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.9% और जापान का Nikkei 225 0.6% चढ़ा।
- चीन का CSI 300 सूचकांक 0.6% और शंघाई कंपोजिट 0.5% मजबूत हुआ।
- इसके विपरीत, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 0.2% फिसल गया।
टेक शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। SK Hynix और Samsung Electronics जैसे चिप निर्माताओं के शेयरों में तेजी आई, जबकि Taiwan Semiconductor Manufacturing में मामूली गिरावट देखी गई। OCBC के वेल्थ एडवाइजरी हेड चेज़ अंबु के अनुसार, फेड की नीति पर स्पष्टता आने तक बाजार एक दायरे में कारोबार कर सकते हैं।
चीन के आंकड़े और तेल की कीमतें
चीन से आए ताजा आर्थिक आंकड़े एक असमान रिकवरी का संकेत दे रहे हैं। अगस्त में औद्योगिक उत्पादन (industrial output) 5.2% बढ़ा, जो उम्मीद से बेहतर था। हालांकि, खुदरा बिक्री (retail sales) में केवल 0.4% की वृद्धि हुई और संपत्ति निवेश (property investment) में 19.9% की भारी गिरावट आई, जो कमजोर घरेलू मांग को दर्शाता है।
इस बीच, ऊर्जा बाजार में निवेशकों को कुछ राहत मिली। इस महीने लगभग 20% की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent crude futures) लगभग 0.6% गिरकर $108 प्रति बैरल के आसपास आ गया। अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में अप्रत्याशित वृद्धि ने कीमतों पर दबाव बनाने में मदद की।