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तेल की कीमतों में नरमी से एशियाई बाजारों में तेजी, बैंक ऑफ जापान के फैसले पर नजर

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति की चिंताओं में कमी आने और वॉल स्ट्रीट में तकनीकी शेयरों की अगुवाई में आई रिकवरी के चलते शुक्रवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में तेजी का रुख रहा। अब निवेशकों का ध्यान बैंक ऑफ जापान (BOJ) के आगामी ब्याज दर निर्णय पर केंद्रित हो गया है।
प्रमुख एशियाई बाजारों में उछाल
वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेतों ने एशियाई बाजारों की धारणा को मजबूत किया। अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक कंपोजिट 1.7% और एसएंडपी 500 1.1% चढ़ा, जिसका मुख्य कारण फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 3.14% की मजबूत उछाल थी।
एशिया में, इस सकारात्मक माहौल का असर साफ दिखा:
- दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक 2.1% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
- जापान का निक्केई 225 0.9% मजबूत हुआ।
- हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% और चीन का CSI 300 0.6% चढ़ा।
तेजी के पीछे के कारक
Adबाजार में इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण थे। पहला, अमेरिकी चिप इंडेक्स में रैली के बाद एशियाई सेमीकंडक्टर शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयर 4.5% और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयर 2.8% चढ़ गए।
दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव कम हुआ। ब्रेंट क्रूड 1.2% गिरकर $103.56 प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में नरमी से बॉन्ड बाजारों को भी राहत मिली, जहाँ अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड गिरकर 4.93% पर आ गई।
बैंक ऑफ जापान के फैसले का इंतजार
बाजार की नजरें अब बैंक ऑफ जापान के मौद्रिक नीति पर फैसले पर हैं। यह फैसला ऐसे समय में आ रहा है जब जापान की मुख्य उपभोक्ता मुद्रास्फीति अगस्त में मामूली घटकर 1.7% रह गई है, जो जुलाई में 1.8% थी।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत दर को 1% से बढ़ाकर 1.25% कर सकता है। निवेशक न केवल दर वृद्धि पर ध्यान देंगे, बल्कि भविष्य में और सख्ती की गति को लेकर गवर्नर काजुओ उएदा (Kazuo Ueda) के संकेतों पर भी उनकी पैनी नजर रहेगी।