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फेड के फैसले के बाद डॉलर स्थिर, एशियाई मुद्राएं सुस्त; BOE, BOJ पर नजरें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार को अधिकांश एशियाई मुद्राओं में एक सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के इस बयान ने कि मुद्रास्फीति को लक्ष्य पर वापस आना चाहिए, डॉलर को समर्थन दिया और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की उम्मीदों को बल दिया।
फेड का रुख और डॉलर पर असर
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन चेयरमैन वार्श की टिप्पणियों ने डॉलर को सहारा दिया। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को लेकर अभी भी सतर्क है, जिससे भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। इस वजह से, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स थोड़ी बढ़त के साथ लगभग 100.9 पर पहुंच गया, जो रात भर की गिरावट से उबरने का संकेत है।
सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch) के अनुसार, बाजारों में अब सितंबर में दर वृद्धि की संभावना लगभग 64% है, जो फेड की घोषणा से पहले लगभग 81% थी। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को क्षेत्रीय जोखिम का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे सुरक्षित-पनाहगाह के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी है।
प्रमुख एशियाई मुद्राओं का प्रदर्शन
फेड के फैसले के बाद अधिकांश क्षेत्रीय मुद्राओं में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। निवेशक अब अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
Ad- जापानी येन (USD/JPY): येन 163.5 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो कई दशकों के निचले स्तर के करीब है। बाजार की नजरें शुक्रवार को होने वाली बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठक पर टिकी हैं।
- चीनी युआन (USD/CNY): युआन एक संकीर्ण दायरे में रहा, जिसमें ऑनशोर युआन में मामूली गिरावट देखी गई।
- सिंगापुर डॉलर (USD/SGD): यह लगभग अपरिवर्तित रहा, जिसे सरकार के S$900 मिलियन के समर्थन पैकेज से भी मदद मिली।
- भारतीय रुपया (USD/INR): अन्य एशियाई मुद्राओं की तरह, रुपया भी मोटे तौर पर स्थिर रहा।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगभग 0.2% की गिरावट आई, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन थोड़ा कमजोर हुआ।
आगे क्या उम्मीद करें?
अब निवेशकों का ध्यान गुरुवार को होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड (BOE) की बैठक पर है, जहां दरों को अपरिवर्तित रखे जाने की उम्मीद है। इसके बाद, शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BOJ) की बैठक महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि येन की लगातार कमजोरी के बाद व्यापारी भविष्य में नीति को सख्त करने के बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन की तलाश में हैं।
शुक्रवार को चीन के आधिकारिक मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, ताइवान और हांगकांग के जीडीपी आंकड़ों सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय आर्थिक डेटा भी जारी होंगे, जो बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।