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USD/JPY 40 साल के निचले स्तर पर, G10 फॉरेक्स बाजार में अस्थिरता बढ़ी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन गिरकर 40 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रमुख विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इस बीच, कनाडाई डॉलर तेल की कीमतों में आई तेजी के दम पर डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज कर रहा है, जो G10 मुद्राओं के बीच एक अनोखी स्थिति है।
येन पर चौतरफा दबाव
जापानी येन इस समय भारी बिकवाली के दबाव में है, और USD/JPY करेंसी जोड़ी 163 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है। यह येन के लिए चार दशकों का सबसे कमजोर स्तर है। इन्वेस्टिंग.कॉम के आंकड़ों के अनुसार, 2011 के बाद से येन के मूल्य में 51% की गिरावट आ चुकी है।
इस असाधारण गिरावट ने नियामकों का ध्यान खींचा है। अमेरिकी ट्रेजरी ने "अत्यधिक अस्थिरता" को लेकर चेतावनी दी है और बैंक ऑफ जापान (BOJ) से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मांग की है। बाजार के कारोबारी अब येन को संभालने के लिए जापानी सरकार और केंद्रीय बैंक द्वारा संभावित हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं।
कनाडाई डॉलर ने दिखाया दम
जहां एक ओर अधिकांश प्रमुख मुद्राएं डॉलर के सामने कमजोर हुई हैं, वहीं कनाडाई डॉलर (CAD) ने विपरीत रुख अपनाया है। यह इस सप्ताह डॉलर के मुकाबले बढ़त हासिल करने वाली एकमात्र G10 मुद्रा है। इसकी मुख्य वजहें हैं:
Ad- तेल की कीमतों में उछाल: कच्चे तेल की कीमतों में 6.2% की तेज वृद्धि ने तेल-निर्यातक देश कनाडा की मुद्रा को समर्थन दिया है।
- मजबूत आर्थिक आंकड़े: कनाडा में खुदरा बिक्री के मजबूत आंकड़ों ने भी अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाया है, जिससे डॉलर को मजबूती मिली है।
निवेशकों के लिए संकेत
यह बाजार की स्थिति व्यापारियों के लिए अवसर और जोखिम दोनों प्रस्तुत करती है। USD/JPY में तकनीकी रूप से मजबूत खरीद के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन यह "ओवरबॉट" स्थिति में भी है और सरकारी हस्तक्षेप का खतरा बहुत अधिक है, जिससे यह एक उच्च-जोखिम वाला सौदा बन जाता है। इसके विपरीत, USD/CAD में तेल की कीमतों और आर्थिक आंकड़ों का समर्थन है, जो इसे एक स्थिर विकल्प बना सकता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा माहौल उन व्यापारियों के लिए उपयुक्त है जो तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देते हैं। बैंक ऑफ जापान के अगले कदम और तेल की कीमतों की दिशा, आने वाले समय में मुद्रा बाजार की चाल तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।