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जापानी येन 40 साल के निचले स्तर के करीब, टोक्यो के हस्तक्षेप के संकल्प की परीक्षा

Summary
जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग 40 साल के निचले स्तर पर बना हुआ है, क्योंकि व्यापारी जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप की कमी के बीच मुद्रा को और नीचे धकेल रहे हैं।
जापानी येन मंगलवार को फिर से कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले लगभग 40 साल के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। जापानी अधिकारियों द्वारा अभी तक हस्तक्षेप का कोई संकेत नहीं मिलने से व्यापारियों का हौसला बढ़ा है, हालांकि अचानक येन-खरीद की कार्रवाई का जोखिम नुकसान को सीमित रखे हुए है।
येन पर बढ़ता दबाव
एशियाई कारोबार की शुरुआत में येन 162 प्रति डॉलर के कमजोर स्तर पर संघर्ष करता दिखा। यह अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी दबाव में रहा:
- ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यह 217.09 के करीब था, जो 2007 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
- यूरो के मुकाबले येन 185.47 पर कारोबार कर रहा था।
MUFG के वरिष्ठ मुद्रा विश्लेषक ली हार्डमैन ने रॉयटर्स को बताया, "ऐसी अटकलें थीं कि जापान अमेरिकी छुट्टी के दौरान फिर से येन का समर्थन करने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है... लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे येन ने अपनी हालिया बढ़त को गंवा दिया।"
व्यापक बाजार का संदर्भ
Adयेन की कमजोरी के बीच, अमेरिकी डॉलर भी व्यापक बाजार में कमजोर बना हुआ है। इसका मुख्य कारण उम्मीद से काफी कमजोर अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट है, जिसके बाद निवेशकों ने इस साल अमेरिकी दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम कर दी हैं।
बाजार अब दिसंबर तक फेडरल रिजर्व द्वारा लगभग 29 आधार अंकों (basis points) की दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो एक हफ्ते पहले लगभग 38 आधार अंक थी। अब निवेशकों की नजर बुधवार को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की जून की बैठक के मिनट्स पर है, जिससे दरों के भविष्य को लेकर और संकेत मिल सकते हैं।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
येन की कमजोरी मुख्य रूप से बैंक ऑफ जापान की नरम मौद्रिक नीति और अमेरिका के साथ ब्याज दरों में बड़े अंतर के कारण है। हालांकि, व्यापारियों के लिए मुख्य अनिश्चितता जापानी अधिकारियों द्वारा अचानक हस्तक्षेप का जोखिम है।
टोक्यो ने पहले भी मुद्रा को सहारा देने के लिए बाजार में सीधे हस्तक्षेप किया है, और 160-162 के स्तर को एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सीमा माना जाता है जो हस्तक्षेप को प्रेरित कर सकती है। इसलिए, जबकि येन पर गिरावट का दबाव बना हुआ है, किसी भी समय तेज उछाल का खतरा भी मौजूद है, जो व्यापारियों को सतर्क रखे हुए है।