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डेलाइट सेविंग टाइम को स्थायी बनाने वाले विधेयक पर अमेरिकी हाउस में मतदान होगा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (U.S. House of Representatives) अगले सप्ताह एक विधेयक पर मतदान करने के लिए तैयार है जो डेलाइट सेविंग टाइम (DST) को स्थायी बना देगा। गुरुवार को जारी एक नोटिस के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य साल में दो बार घड़ियों को आगे-पीछे करने की दशकों पुरानी प्रथा को समाप्त करना है।
विधेयक और इसकी पृष्ठभूमि
इस विधेयक को सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट के नाम से जाना जाता है। मई में, हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी ने इस विधेयक के पक्ष में 48-1 के भारी बहुमत से मतदान किया था। यह प्रस्ताव राज्यों को स्थायी डेलाइट सेविंग टाइम से बाहर रहने का विकल्प भी देगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सीनेट ने मार्च 2022 में सर्वसम्मति से डेलाइट सेविंग टाइम को स्थायी बनाने के लिए मतदान किया था, लेकिन उस समय प्रतिनिधि सभा ने विरोध के कारण इस उपाय पर विचार नहीं किया था।
पक्ष और विपक्ष में तर्क
विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि साल में दो बार समय बदलने से नींद में खलल, कार्यस्थल पर दुर्घटनाएं और कार दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। उनका यह भी मानना है कि सर्दियों के दौरान शाम को अधिक रोशनी से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
Ad- समर्थक: फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्रतिनिधि वर्न बुकानन और न्यू जर्सी के डेमोक्रेट फ्रैंक पैलोन का कहना है कि इससे पर्यटन और खेल गतिविधियों को लाभ होगा। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस बदलाव का समर्थन किया है।
- विरोधी: अरकंसास के रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन जैसे आलोचकों का तर्क है कि इससे सर्दियों में सूर्योदय बहुत देर से होगा, जिससे देश के कई हिस्सों में बच्चों को अंधेरे में स्कूल जाना पड़ेगा।
ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह
संयुक्त राज्य अमेरिका में 1960 के दशक से लगभग हर जगह डेलाइट सेविंग टाइम लागू है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और फिर ऊर्जा उपयोग को कम करने के लिए 1974 में साल भर के डेलाइट सेविंग टाइम को लागू किया गया था। हालांकि, यह अलोकप्रिय साबित हुआ और कांग्रेस ने उसी वर्ष इसे निरस्त कर दिया।
यदि यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में पारित हो जाता है, तो इसे फिर से अमेरिकी सीनेट में विचार के लिए भेजा जाएगा, जहां इसे कुछ विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस कानून के लागू होने से व्यवसायों और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।