Story
टेलीनॉर ने 2026 का आउटलुक घटाया, नॉर्डिक और बांग्लादेश में कमजोरी का असर

Summary
नॉर्वेजियन टेलीकॉम समूह ने दूसरी तिमाही में कमजोर नतीजों के बाद अपने पूरे साल के वित्तीय पूर्वानुमान को कम कर दिया है। कंपनी को नॉर्डिक बाजारों में धीमी वृद्धि और बांग्लादेश में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
नॉर्वेजियन टेलीकॉम समूह टेलीनॉर ने अपने 2026 के पूरे साल के वित्तीय आउटलुक में कटौती की है। यह फैसला दूसरी तिमाही के निराशाजनक नतीजों के बाद आया है, जो इसके प्रमुख नॉर्डिक बाजारों में कमजोरी और बांग्लादेश में लगातार परिचालन दबावों के कारण प्रभावित हुए।
दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे
कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही में समायोजित EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) साल-दर-साल 9.0% गिरकर NOK 7.99 बिलियन हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में NOK 8.78 बिलियन था।
इसी अवधि के दौरान, रिपोर्ट किया गया राजस्व 5.1% घटकर NOK 18.14 बिलियन रह गया। शेयरधारकों को मिलने वाला शुद्ध लाभ 32.3% की बड़ी गिरावट के साथ NOK 2.52 बिलियन पर आ गया, जो कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण तिमाही को दर्शाता है।
संशोधित 2026 पूर्वानुमान
इन नतीजों के परिणामस्वरूप, टेलीनॉर ने अपने पूरे साल के मार्गदर्शन को संशोधित किया है। कंपनी को अब कई प्रमुख मैट्रिक्स पर कम प्रदर्शन की उम्मीद है:
Ad- ऑर्गेनिक समायोजित EBITDA वृद्धि: अब "सपाट से थोड़ी नकारात्मक" रहने की उम्मीद है, जबकि पहले "सपाट से लेकर निम्न एकल-अंकीय वृद्धि" का अनुमान था।
- फ्री कैश फ्लो (एमएंडए से पहले): पूर्वानुमान को NOK 10 बिलियन से NOK 11 बिलियन के दायरे से घटाकर अब लगभग NOK 10 बिलियन कर दिया गया है।
- नॉर्डिक कारोबार: इसके नॉर्डिक परिचालन के लिए, कंपनी अब सर्विस राजस्व और EBITDA दोनों में "सपाट से लेकर निम्न एकल-अंकीय वृद्धि" का अनुमान लगा रही है, जो पहले के अनुमानों से कम है।
चुनौतियों के कारण और प्रबंधन का दृष्टिकोण
टेलीनॉर की मुख्य कार्यकारी बेनेडिक्ट शिलब्रेड फास्मर ने आउटलुक में कटौती के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नॉर्वे और फिनलैंड में उम्मीद से धीमी राजस्व वृद्धि, उच्च परिचालन लागत, अनुबंध-संबंधी बाधाओं और बांग्लादेश में एक चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक परिदृश्य का हवाला दिया।
हालांकि, फास्मर ने यह भी कहा कि कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम से होने वाले लाभ वर्ष के अंत तक अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। इससे निवेशकों को यह संकेत मिलता है कि कंपनी चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठा रही है, भले ही तत्काल दृष्टिकोण कमजोर हो।