Story
ताइवान के केंद्रीय बैंक ने जून में विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया

Summary
ताइवान के केंद्रीय बैंक ने जून में डॉलर की मजबूती के बीच बाजार में हस्तक्षेप की पुष्टि की, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $597.15 बिलियन हो गया।
ताइवान के केंद्रीय बैंक ने पुष्टि की है कि उसने जून में विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया, जिसके परिणामस्वरूप देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई। मौद्रिक प्राधिकरण के अनुसार, डॉलर की मजबूती और अन्य मुद्राओं के मूल्यह्रास को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया।
भंडार में गिरावट और हस्तक्षेप का विवरण
केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत में ताइवान का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर $597.15 बिलियन रह गया। बैंक ने कहा कि भंडार में कमी के पीछे कई कारक थे, जिनमें निवेश से होने वाला लाभ, हस्तक्षेप गतिविधियां और डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की विनिमय दरों में बदलाव शामिल हैं।
यह भी बताया गया कि केंद्रीय बैंक की पहली तिमाही में शुद्ध विदेशी मुद्रा बिक्री $12.593 बिलियन रही, जो बाजार को स्थिर करने के उसके प्रयासों को दर्शाता है।
हस्तक्षेप के पीछे के कारण
केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा विभाग के प्रमुख, यूजीन त्साई ने एक ब्रीफिंग में बताया कि भंडार में गिरावट का मुख्य कारण जून में बैंक द्वारा की गई शुद्ध बिक्री और गैर-अमेरिकी मुद्राओं में अपेक्षाकृत बड़ा मूल्यह्रास था।
Adत्साई के अनुसार, बाजार ने अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की जून की बैठक को अपेक्षाकृत "हॉकिश" (आक्रामक) माना, जिसने डॉलर को मजबूत किया। इस मजबूती ने बाजार में विदेशी मुद्रा की बिक्री की कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित किया, जिससे हस्तक्षेप आवश्यक हो गया।
भविष्य का दृष्टिकोण
आगे देखते हुए, त्साई ने अनुमान जताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। उन्होंने इसके लिए घटती मुद्रास्फीति और अपेक्षाकृत नरम अमेरिकी श्रम बाजार का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि यदि डॉलर की मजबूती कम होती है, तो बाजार के प्रतिभागी विदेशी मुद्रा बेचने के लिए अधिक इच्छुक हो सकते हैं। यह स्थिति भविष्य में केंद्रीय बैंक की हस्तक्षेप की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।