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सन फार्मा के शेयरों में गिरावट, अमेरिकी टैरिफ योजनाओं से निवेशक चिंतित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जेनेरिक दवाओं के आयात पर भविष्य में भारी टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा के बाद बुधवार के कारोबार में सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के शेयर में 1.0% की गिरावट आई, जो ₹1,943 पर बंद हुआ। इस खबर ने भारतीय दवा कंपनियों के लिए चिंता बढ़ा दी है, जिनके लिए अमेरिका एक प्रमुख निर्यात बाजार है।
टैरिफ की घोषणा का विवरण
मंगलवार शाम को, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक योजना की रूपरेखा पेश की जिसका उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, जेनेरिक दवाओं को अगस्त 2028 तक किसी भी आयात शुल्क से छूट मिलती रहेगी।
- अगस्त 2028 के बाद: जेनेरिक दवाओं के आयात पर 100% का टैरिफ लगाया जाएगा।
- 2029 तक: यह टैरिफ बढ़कर 200% हो जाएगा।
यह कदम लंबी अवधि में सन फार्मा जैसी भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं के लिए अमेरिकी बाजार में एक महत्वपूर्ण बाधा पैदा कर सकता है, जिससे उनकी लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।
Adबाजार पर असर और आगामी नतीजे
इस घोषणा का असर केवल सन फार्मा पर ही नहीं, बल्कि अन्य भारतीय दवा कंपनियों पर भी पड़ा, जिससे निफ्टी 50 सूचकांक में 0.6% की गिरावट दर्ज की गई। निवेशक सन फार्मा के जून तिमाही के नतीजों का भी इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह पता चलेगा कि निर्यात कारोबार में अन्य मौजूदा चुनौतियों का कंपनी की कमाई पर क्या असर पड़ा है।
विश्लेषकों का नजरिया
तत्काल चिंताओं के बावजूद, 34 विश्लेषकों के अनुसार सन फार्मा के लिए दीर्घकालिक मौलिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। विश्लेषकों ने स्टॉक के लिए औसत "खरीदें" (Buy) रेटिंग दी है, जिसका 12 महीने का औसत मूल्य लक्ष्य (price target) ₹2,047 है। यह मौजूदा शेयर मूल्य से एक संभावित बढ़त का संकेत देता है, जो दर्शाता है कि विश्लेषक कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा करते हैं।