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भारत द्वारा शुल्क-मुक्त चीनी आयात की घोषणा के बाद वायदा कीमतों में गिरावट

Summary
भारत सरकार के 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय चीनी वायदा कीमतों में गिरावट आई, जो एक साल के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई।
भारत सरकार द्वारा 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की घोषणा के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय चीनी वायदा (Sugar futures) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इस कदम ने कीमतों को एक साल से अधिक के उच्चतम स्तर से नीचे ला दिया है।
सरकार का फैसला और उसका उद्देश्य
भारत सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, इस उपाय का उद्देश्य दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक देश में बढ़ती घरेलू कीमतों को नियंत्रित करना है। यह फैसला बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद करेगा।
बाज़ार पर असर
इस घोषणा के तत्काल प्रभाव के रूप में, ICE पर कच्ची चीनी का वायदा भाव 0.8% गिरकर 17.38 सेंट प्रति पाउंड पर आ गया। यह गिरावट गुरुवार को दर्ज किए गए 18.26 सेंट के एक साल से अधिक के उच्चतम स्तर के ठीक बाद आई है।
इसी तरह, सफेद चीनी वायदा (White sugar futures) भी 0.5% गिरकर $537.70 प्रति मीट्रिक टन पर आ गया। गुरुवार को इसने $566.80 का स्तर छुआ था, जो मार्च 2025 के बाद का उच्चतम स्तर था।
Adवैश्विक आपूर्ति की चिंताएं
भारत के इस कदम से पहले, वैश्विक चीनी बाजार कई आपूर्ति चुनौतियों का सामना कर रहा था, जिससे कीमतें बढ़ रही थीं। इन चुनौतियों में शामिल हैं:
- यूरोप में सूखे के कारण फसल संबंधी समस्याएं।
- ब्राजील में जून में हुई अत्यधिक बारिश के कारण उत्पादन में कमी।
- अल नीनो (El Nino) के मौसम पैटर्न से एशिया में सूखे की स्थिति का खतरा।
ब्रोकर और सलाहकार माइकल मैकडॉगल के अनुसार, 18 सेंट के ऊपर कीमतें बनाए रखने में विफल रहने के बाद, बाजार कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले ट्रेडर्स की साप्ताहिक प्रतिबद्धता रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।