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SK Hynix के मजबूत डेब्यू और नतीजों की उम्मीदों से वॉल स्ट्रीट में तेजी

आगामी तिमाही नतीजों के सीजन को लेकर निवेशकों के बीच आशावाद और दक्षिण कोरियाई कंपनी SK Hynix के ब्लॉकबस्टर नैस्डैक डेब्यू के दम पर वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से बस कुछ ही कदम दूर रह गया।
SK Hynix के डेब्यू से चिप शेयरों में उत्साह
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा कारोबार फिर से सुर्खियों में आ गया, जब दक्षिण कोरिया की मेमोरी-चिप निर्माता SK Hynix ने अपनी अमेरिकी लिस्टिंग में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी ने गुरुवार को $26 बिलियन से अधिक जुटाए और इसका शेयर अपने ऑफर मूल्य $149 से 13% ऊपर $170 पर बंद हुआ।
इस सफल लिस्टिंग ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई जान फूंक दी है, जिससे चिप निर्माताओं को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद PHLX चिप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन 0.06% की बढ़त दर्ज की गई।
निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर
अगले सप्ताह से दूसरी तिमाही के नतीजों का सीजन शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत बड़े अमेरिकी बैंक करेंगे। LSEG I/B/E/S के अनुसार, विश्लेषकों को उम्मीद है कि S&P 500 की आय एक साल पहले की तुलना में 24% तक बढ़ सकती है, जिसमें टेक्नोलॉजी कंपनियों की अहम भूमिका होगी।
Adयू.एस. बैंक वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य इक्विटी रणनीतिकार टेरी सैंडवेन ने कहा, "यह एक उच्च उम्मीदों वाली तिमाही है जिसमें गलती की गुंजाइश बहुत कम है।" उन्होंने कहा कि बैंकों के नतीजे अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती और उपभोक्ताओं तथा व्यवसायों की गतिविधियों का एक अच्छा संकेत देंगे।
बाजार का प्रदर्शन
शुक्रवार को कारोबारी सत्र की समाप्ति पर प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- S&P 500 0.42% या 31.75 अंक बढ़कर 7,575.39 पर बंद हुआ।
- नैस्डैक कंपोजिट 0.29% या 74.72 अंक की बढ़त के साथ 26,281.61 पर पहुंच गया।
- डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29% या 149.60 अंक चढ़कर 52,637.01 पर बंद हुआ।
साप्ताहिक आधार पर S&P 500 में 1.2% और नैस्डैक में 1.7% की तेजी आई, जबकि डाउ जोन्स 0.5% गिर गया। व्यक्तिगत शेयरों में, मेटा प्लेटफॉर्म्स 6% उछला, जबकि मॉडर्ना में लगभग 11% की भारी गिरावट आई। निवेशकों की नजर अब अगले हफ्ते जारी होने वाले जून के महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष की गवाही पर होगी, जिससे मौद्रिक नीति के भविष्य को लेकर संकेत मिल सकते हैं।