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सऊदी गठबंधन का दावा: मक्का के पास हूती ड्रोन को नष्ट किया गया

यमन में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बुधवार को घोषणा की कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने मक्का के पास एक हूती ड्रोन को नष्ट कर दिया है। गठबंधन के अनुसार, ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मंगलवार शाम को रोक दिया गया था।
घटना का विवरण
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने एक बयान में कहा कि यह जुलाई 2017 में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च के बाद मक्का को निशाना बनाने का दूसरा हूती प्रयास था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मक्का की सुरक्षा एक "रेड लाइन" है।
दूसरी ओर, हूती अधिकारियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। हूती द्वारा संचालित SABA समाचार एजेंसी के अनुसार, हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने इस आरोप को "पूरी तरह से झूठ" बताया। यह घटना ईरान-समर्थित हूती लड़ाकों द्वारा पिछले सप्ताह किए गए कई हमलों के बाद हुई है, जिससे संघर्ष और गहरा गया है।
ऊर्जा बाज़ारों पर प्रभाव
Adयह सैन्य घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को पहले ही झकझोर कर रख दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग धीमी हो गई है, जो एक महत्वपूर्ण तेल मार्ग है।
- पाइपलाइन पर हमला: हाल ही में, सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण तेल परिवहन धमनी, 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमला हुआ था, जिसके लिए सऊदी अरब ने इराक में स्थित एक ईरान-समर्थित आंदोलन को दोषी ठहराया है।
- आपूर्ति का जोखिम: व्यापारियों का कहना है कि अगर यह पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में 4% तक की कटौती हो सकती है।
- बब अल-मन्देब पर नियंत्रण: हूतियों ने हाल के दिनों में लाल सागर तट के कुछ हिस्सों पर भी नियंत्रण कर लिया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग स्ट्रेट्स में से एक, बब अल-मन्देब के पास है, जिससे सऊदी तेल निर्यात के लिए खतरा और बढ़ गया है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
सऊदी अरब 2015 से हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है। हाल के वर्षों में एक युद्धविराम के तहत संघर्ष काफी हद तक शांत हो गया था, लेकिन इस महीने हूतियों द्वारा यमनी सरकार से जुड़े बलों को पीछे धकेलने के बाद यह फिर से भड़क उठा है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने मंगलवार को CNBC को बताया कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से कच्चे तेल का प्रवाह कुछ ही दिनों में फिर से शुरू हो जाना चाहिए।