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रूस में ईंधन की कीमतों ने मुद्रास्फीति को बढ़ाया, सेंट्रल बैंक ने आंकड़े जारी किए

Summary
रूस के सेंट्रल बैंक के अनुसार, जून और जुलाई की शुरुआत में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने उपभोक्ता मूल्य वृद्धि में लगभग 0.5% का योगदान दिया। यह वृद्धि तेल रिफाइनरियों पर हमलों के कारण हुई आपूर्ति बाधाओं के बाद हुई है।
रूस के सेंट्रल बैंक ने बुधवार को कहा कि ईंधन की ऊंची कीमतों ने जून में उपभोक्ता मूल्य वृद्धि में लगभग 0.3% और जुलाई के पहले पखवाड़े में अतिरिक्त 0.2% का योगदान दिया। यह जानकारी 24 जुलाई को हुई बैंक की बैठक के विवरण (मिनट्स) से सामने आई है।
मुद्रास्फीति के आंकड़े और अनुमान
सेंट्रल बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ईंधन की कीमतों का हालिया मुद्रास्फीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।
- जून: मुद्रास्फीति में 0.3% का योगदान।
- जुलाई (पहला पखवाड़ा): मुद्रास्फीति में 0.2% का योगदान।
नियामक ने यह भी अनुमान लगाया है कि पूरे वर्ष के लिए ईंधन की कीमतों में वृद्धि का कुल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव 1.5% से अधिक नहीं होगा।
आपूर्ति में बाधा और बाजार पर असर
Adकीमतों में यह उछाल यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण तेल रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद हुआ, जिससे देश के 11 टाइम ज़ोन में आपूर्ति बाधित हुई और ईंधन की कमी हो गई।
इस कमी के परिणामस्वरूप देश के कई क्षेत्रों में फिलिंग स्टेशनों पर लंबी कतारें, गैसोलीन की कीमतों में वृद्धि और ईंधन की राशनिंग जैसी स्थिति देखने को मिली। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में स्थिति अब स्थिर हो गई है।
सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति
ईंधन की कीमतों से प्रेरित मुद्रास्फीति में वृद्धि के बावजूद, सेंट्रल बैंक ने 24 जुलाई को अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 14.25% से घटाकर 14% कर दिया।
बैठक के विवरण से पता चलता है कि अधिकांश बोर्ड सदस्यों ने इस वर्ष ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश देखी है। हालांकि, बैंक ने यह भी नोट किया कि आगे की कटौती की संभावना अब पहले की तुलना में कम हो गई है।