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रूस ने सोयाबीन निर्यात शुल्क को अगस्त 2028 तक बढ़ाया

Summary
रूस सरकार ने सोयाबीन पर लगने वाले 20% निर्यात शुल्क को 31 अगस्त, 2028 तक के लिए बढ़ा दिया है। यह कदम घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने और कीमतों को स्थिर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रूस ने सोयाबीन पर लागू 20% निर्यात शुल्क की अवधि को 31 अगस्त, 2028 तक के लिए बढ़ा दिया है। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी ने गुरुवार को रिपोर्ट दी कि यह शुल्क, जो पहले इस साल अगस्त के अंत में समाप्त होने वाला था, अब दो और वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा।
नीति का विवरण
यह विस्तार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसका उद्देश्य घरेलू खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। निर्यात को महंगा बनाकर, सरकार घरेलू बाजार में सोयाबीन की आपूर्ति को प्रोत्साहित करना चाहती है।
इंटरफैक्स की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया ہے कि सरकार अलसी (linseed) पर लगने वाले 10% के निर्यात शुल्क को भी बढ़ाने पर विचार कर रही है। यह कदम घरेलू आपूर्ति को और स्थिर करने के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है।
Adबाजार पर संभावित असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार को स्थिर करना है। निर्यात शुल्क से रूस के घरेलू सोयाबीन प्रोसेसरों को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें स्थिर और संभावित रूप से कम कीमतों पर कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा।
वैश्विक स्तर पर, इस कदम से रूस से सोयाबीन की निर्यात आपूर्ति सीमित हो सकती है। हालांकि, वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर इसका समग्र प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अन्य प्रमुख उत्पादक देश कितनी आपूर्ति करते हैं। यह निर्णय वैश्विक कृषि व्यापार प्रवाह में रूस की संरक्षणवादी नीतियों की निरंतरता का संकेत देता है।