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रूस ने यूक्रेन के बिजली सबस्टेशनों पर हमले के लिए फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल किया

ओपन-सोर्स विश्लेषण के अनुसार, रूस ने यूक्रेन के उत्तरी सूमी क्षेत्र में उच्च-वोल्टेज बिजली सबस्टेशनों को नुकसान पहुंचाने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। इस रणनीति में फाइबर-ऑप्टिक केबल के माध्यम से उड़ाए जाने वाले छोटे ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है, जो यूक्रेनी सुरक्षा प्रणालियों को आसानी से भेद रहे हैं।
लंदन स्थित एक ओपन-सोर्स जांच समूह, सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलिएंस (CIR) ने रूसी सोशल मीडिया चैनलों पर पोस्ट किए गए इन हमलों के फुटेज को सत्यापित किया है, जिसकी पुष्टि रॉयटर्स ने भी की है।
हमले की नई रणनीति
यूक्रेन ने अपने ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा के लिए उच्च-वोल्टेज ट्रांसफार्मरों को कंक्रीट के विशाल सुरक्षा कवच और एंटी-ड्रोन जालों से ढक दिया है। इसके अलावा, अग्रिम मोर्चे पर इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियाँ भी तैनात हैं जो ड्रोन को नियंत्रित करने वाले रेडियो संकेतों को बाधित करती हैं।
हालांकि, फाइबर-ऑप्टिक केबल से जुड़े फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन सिग्नल जाम करने वाली प्रणालियों से अप्रभावित रहते हैं, क्योंकि वे रेडियो सिग्नल पर निर्भर नहीं करते। CIR के एक अन्वेषक, जोशुआ स्क्रिवेन के अनुसार, रूसी सेना पहले ड्रोन का उपयोग सुरक्षात्मक जाल में छेद करने के लिए करती है, और फिर दूसरा ड्रोन उस छेद से अंदर जाकर मुख्य उपकरण, यानी ऑटो-ट्रांसफॉर्मर को निशाना बनाता है।
आर्थिक और सामरिक प्रभाव
Adयह रणनीति रूस के लिए बेहद लागत-प्रभावी साबित हो रही है। कीव स्थित एनर्जी रिसर्च सेंटर के प्रमुख ऑलेक्जेंडर खारचेंको ने कहा कि ऑटो-ट्रांसफॉर्मर को नष्ट करने से पूरी ट्रांसफॉर्मर इकाई ठप हो जाती है।
- एक 330-किलोवोल्ट सबस्टेशन में लगे ऑटो-ट्रांसफॉर्मर की कीमत लगभग $3.5 मिलियन होती है।
- इसके विपरीत, एक फाइबर-ऑप्टिक FPV ड्रोन की लागत मात्र $2,000 जितनी कम हो सकती है।
- CIR ने बड़े और सुरक्षित माने जाने वाले 330 kV सबस्टेशनों पर ऐसे चार हमलों और छोटे 110 kV सबस्टेशनों पर कम से कम चार और हमलों की पुष्टि की है।
- ये हमले अग्रिम मोर्चे से 16 से 26 किलोमीटर की दूरी पर किए गए हैं, जो इन छोटे ड्रोनों की बढ़ती रेंज को दर्शाता है।
व्यापक संदर्भ और प्रतिक्रिया
जोशुआ स्क्रिवेन का मानना है कि ये हमले यूक्रेनी क्षेत्रों को राष्ट्रीय ग्रिड से अलग-थलग करने और फिर स्थानीय बिजली स्टेशनों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह से अंधेरे में डुबाने की एक बड़ी रूसी रणनीति का हिस्सा हैं। सूमी क्षेत्र 2024 की गर्मियों से ही रूसी बमबारी का बुरी तरह शिकार रहा है।
यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने कहा कि जून में इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने लिखा, "रूस का लक्ष्य लोगों को आतंकित करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन को असहनीय बनाना है।" गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने 2022 और 2023 के बीच यूक्रेन के पावर ग्रिड पर हमलों के लिए वरिष्ठ रूसी सैन्य कमांडरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। रूस नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करता है और कहता है कि उसके सभी हमलों का एक सैन्य उद्देश्य है।