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रूस का आरोप: यूक्रेन ने ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु संयंत्र के पास ईंधन ट्रकों पर हमला किया

Summary
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम के प्रमुख ने यूक्रेन पर ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु संयंत्र के पास डीज़ल ईंधन ट्रकों पर हमला करने का आरोप लगाया है, जिसमें दो रूसी सैनिकों की मौत हो गई और संयंत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम ने यूक्रेन पर ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु संयंत्र के पास डीज़ल ईंधन ले जा रहे ट्रकों पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया है। इस घटना में दो रूसी सैनिकों की मौत हो गई और इसने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।
हमले का विवरण
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम के प्रमुख, एलेक्सी लिखाचेव ने एक बयान में कहा कि यूक्रेनी सेना ने शुक्रवार को ईंधन ट्रकों पर "कई संयुक्त हमले" किए। उनके अनुसार, ये हमले स्टेशन की परिधि के बहुत करीब हुए।
लिखाचेव ने दावा किया कि इस हमले में दो रूसी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि ये सभी सैनिक "पूरी तरह से नागरिक मिशन" का समर्थन करने में शामिल थे।
परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा
ज़ापोरिज़्ज़िया संयंत्र के लिए डीज़ल ईंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाहरी बिजली आपूर्ति बाधित होने पर यह डीज़ल जनरेटरों को शक्ति प्रदान करता है। इन जनरेटरों का उपयोग रिएक्टरों में परमाणु ईंधन को ठंडा रखने के लिए किया जाता है, ताकि किसी भी प्रकार की परमाणु दुर्घटना को रोका जा सके।
Adउल्लेखनीय है कि अगस्त और सितंबर में लगभग तीन सप्ताह तक संयंत्र की दोनों बाहरी बिजली लाइनें बंद थीं, जिससे इसकी संवेदनशीलता उजागर हुई। ईंधन आपूर्ति पर किसी भी तरह का हमला सीधे तौर पर संयंत्र की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को कमजोर करता है, जिससे परमाणु दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
पृष्ठभूमि और अंतर्राष्ट्रीय निगरानी
छह रिएक्टरों वाला ज़ापोरिज़्ज़िया संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के कुछ ही हफ्तों बाद रूसी सेना ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था। तब से, दोनों पक्ष नियमित रूप से एक-दूसरे पर संयंत्र की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली कार्रवाइयों का आरोप लगाते रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने स्टेशन पर स्थायी रूप से एक पर्यवेक्षक दल तैनात किया है। एजेंसी ने विवादों के समय मध्यस्थ के रूप में काम किया है और पिछले महीने बाहरी बिजली लिंक की मरम्मत के लिए स्थानीय संघर्ष विराम की व्यवस्था करने में मदद की थी। यूक्रेन लगातार मांग कर रहा है कि रूस स्टेशन को खाली कर दे और इसका संचालन वापस कीव को सौंप दे, जिसे मास्को ने खारिज कर दिया है।