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कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा से डॉलर में गिरावट, पाउंड स्टर्लिंग को मिली मजबूती

Summary
अमेरिका के उम्मीद से कमजोर नौकरी के आंकड़ों के बाद डॉलर में बड़ी गिरावट आई, जिससे पाउंड स्टर्लिंग और यूरो दोनों में तेजी देखने को मिली। इस रिपोर्ट ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना को लगभग समाप्त कर दिया है।
अमेरिका के निराशाजनक नौकरी के आंकड़ों के कारण डॉलर में व्यापक गिरावट आने से शुक्रवार को पाउंड स्टर्लिंग और यूरो में मजबूती आई। इन आंकड़ों ने इस धारणा को और पुख्ता कर दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक सख्ती के चक्र को समाप्त कर चुका है।
अमेरिकी जॉब डेटा का असर
गुरुवार को जारी हुई अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट उम्मीद से काफी कमजोर रही, जिसने डॉलर पर दबाव बनाया। Investing.com के अनुसार, इस रिपोर्ट के बाद पाउंड/डॉलर (GBP/USD) 0.10% बढ़कर $1.3360 पर पहुंच गया, जबकि यूरो/डॉलर (EUR/USD) 0.18% की बढ़त के साथ $1.1455 पर कारोबार कर रहा था।
आईएनजी (ING) के एफएक्स रणनीतिकार फ्रांसेस्को पेसोले ने एक नोट में कहा कि रिपोर्ट में कुछ खास सकारात्मक नहीं है। उन्होंने बताया कि:
- 57,000 नौकरियों की वृद्धि पिछले दो महीनों के 74,000 के नकारात्मक संशोधन से बेअसर हो गई।
- बेरोजगारी दर का 4.2% तक गिरना भी मुख्य रूप से भागीदारी दर (participation rate) में कमी के कारण था, जो एक उत्साहजनक संकेत नहीं है।
पाउंड और यूरो की चाल
Adपाउंड की यह बढ़त ब्रिटेन के घरेलू आर्थिक कारकों से प्रेरित नहीं थी। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने हाल ही में कहा था कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था एक "नरम दौर" में है और बढ़ी हुई बंधक दरें पहले ही नीति को सख्त कर चुकी हैं, हालांकि उन्होंने दरों में कटौती की संभावना से भी इनकार किया।
वहीं, यूरो की बढ़त भी सीमित रही क्योंकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हो रही हैं। बाजार अब सितंबर में ECB द्वारा केवल 11 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है।
बाजार का अगला कदम
अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की अधिकारी मैरी डेली के भाषण के साथ-साथ आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर है, जिसमें फैक्ट्री ऑर्डर और ड्यूरेबल गुड्स डेटा शामिल हैं। बाजार के लिए अगली बड़ी परीक्षा 14 जुलाई को आने वाली अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट होगी, जो ब्याज दरों पर फेड के भविष्य के रुख को और स्पष्ट कर सकती है। आईएनजी का अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स आने वाले हफ्तों में 100-101.5 की रेंज में स्थिर हो सकता है।