Story

अमेरिकी CPI आँकड़ों के बाद डॉलर कमजोर, ब्रिटिश पाउंड में मजबूती

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Aug 12, 20262 min read
अमेरिकी CPI आँकड़ों के बाद डॉलर कमजोर, ब्रिटिश पाउंड में मजबूती
Text size
Background

बुधवार को अमेरिकी मुद्रास्फीति के आँकड़े उम्मीदों के अनुरूप आने के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जिसके चलते ब्रिटिश पाउंड और यूरो दोनों में मजबूती आई। इन आँकड़ों ने बाजार की उन उम्मीदों को बल दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में अपनी नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।

प्रमुख अमेरिकी मुद्रास्फीति आँकड़े

अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमानों के साथ मेल खाती है।

  • मासिक CPI: जुलाई में 0.1% की वृद्धि हुई, जो बाजार के अनुमान के अनुरूप थी।
  • वार्षिक CPI: वार्षिक दर 3.5% से घटकर 3.4% पर आ गई, यह भी उम्मीदों के मुताबिक रहा।
  • कोर CPI (खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर): मासिक आधार पर 0.2% और वार्षिक आधार पर 2.5% की वृद्धि हुई, जो दोनों ही पूर्वानुमानों से मेल खाते हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञ विश्लेषण

इन आँकड़ों के बाद, GBP/USD विनिमय दर 0.21% बढ़कर 1.3534 पर पहुँच गई। इसी तरह, EUR/USD भी 0.12% चढ़कर 1.1557 पर कारोबार कर रहा था। डॉलर इंडेक्स (DXY), जो अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के प्रदर्शन को मापता है, दबाव में रहा।

Sample IUX Markets – In-articleAd

आईएनजी (ING) के वैश्विक बाजार प्रमुख क्रिस टर्नर के अनुसार, नरम मुद्रास्फीति के आँकड़े "डॉलर में कमजोरी" लाते हैं, खासकर उन मुद्राओं के मुकाबले जो आर्थिक चक्र के प्रति संवेदनशील होती हैं। उन्होंने कहा कि पाउंड को एक "प्रो-साइक्लिकल" मुद्रा माना जाता है और डॉलर में किसी भी गिरावट से इसे मुख्य लाभार्थियों में से एक माना जाएगा।

आगे का Ausblick

आज के आँकड़ों के बाद, बाजार अब फेडरल रिजर्व की 17-18 सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 50-50 संभावना देख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटेन से किसी बड़े आर्थिक आँकड़े के अभाव में, पाउंड की चाल मुख्य रूप से डॉलर के प्रदर्शन और वैश्विक जोखिम की धारणा से प्रभावित होती रहेगी।

व्यापारी अब अमेरिकी नीति के भविष्य के संकेतों के लिए आगामी रोजगार आँकड़ों और जैक्सन होल संगोष्ठी पर करीब से नजर रखेंगे। ये घटनाएँ फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा को और स्पष्ट कर सकती हैं।

Back to latest news

LATEST