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फेडरल रिजर्व की सख्ती की आशंका से डॉलर मजबूत, पाउंड $1.34 के ऊपर स्थिर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में एक और ब्याज दर में बढ़ोतरी की लगातार आशंकाओं के कारण डॉलर में मजबूती बनी हुई है, जिससे ब्रिटिश पाउंड की बढ़त पर लगाम लगी है। बुधवार के कारोबार में, पाउंड $1.34 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर स्थिर रहने में कामयाब रहा।
डॉलर की मजबूती के पीछे फेड की भूमिका
बाजार में जोखिम की धारणा में सुधार के बावजूद डॉलर अपनी मजबूती बनाए हुए है, जो एक असामान्य स्थिति है। ING के विदेशी मुद्रा रणनीतिकार क्रिस टर्नर के अनुसार, डॉलर की इस मजबूती का मुख्य कारण यह है कि बाजार अभी भी फेडरल रिजर्व द्वारा 16 सितंबर को ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को खारिज नहीं कर रहा है।
हालांकि, कमजोर जॉब ओपनिंग (JOLTS) डेटा के बाद इस बढ़ोतरी की उम्मीद थोड़ी कम हुई है। बाजार अब लगभग 14 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है, जो इस सप्ताह की शुरुआत में 16-17 आधार अंक थी। निवेशकों की नजर अब इस सप्ताह आने वाले प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर है:
- ADP रोजगार डेटा और ISM सर्विसेज इंडेक्स आज बाद में जारी होंगे।
- सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण डेटा, जुलाई का नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट, शुक्रवार को आएगा।
पाउंड पर घरेलू दबाव
Adपाउंड की मौजूदा चाल ब्रिटेन के घरेलू कारकों से प्रेरित नहीं है। पिछले हफ्ते बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की बैठक के नतीजे अभी भी मुद्रा पर असर डाल रहे हैं। BoE ने 6-3 के वोट से ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, जो बाजार की 7-2 की अपेक्षा से कम आक्रामक (हॉकिश) था।
बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने भी निकट भविष्य में मौद्रिक नीति को और सख्त करने की संभावनाओं को कम करके आंका, यह कहते हुए कि मुद्रास्फीति को कम करने की प्रक्रिया सही रास्ते पर है। इस नरम रुख के कारण बाजारों ने 2026 में दर वृद्धि की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे पाउंड पर दबाव बना है।
बाजार का नजरिया
यूरो भी डॉलर के मुकाबले संघर्ष कर रहा है। यूरोजोन के उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों के बावजूद, यूरो की बढ़त सीमित रही है। ING ने यूरो को "थका हुआ" बताया है और कहा है कि जब तक यह 1.1550-1.1560 के प्रतिरोध स्तर को निर्णायक रूप से पार नहीं करता, तब तक बड़ी बढ़त की संभावना कम है।
आगे चलकर, विदेशी मुद्रा बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों से तय होगी। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के अगले कदम के बारे में संकेत देंगे और डॉलर की चाल को प्रभावित करेंगे, जिसका सीधा असर GBP/USD जैसी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर पड़ेगा।