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ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में 1% की गिरावट

Summary
सोमवार को तेल की कीमतों में लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों ने ईरान पर वाशिंगटन द्वारा और कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की उम्मीद में मुनाफावसूली की।
ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा से पहले निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने के कारण सोमवार को तेल की कीमतों में 1% की गिरावट आई। यह गिरावट बाजार में बढ़ी हुई अनिश्चितता को दर्शाती है, क्योंकि व्यापारी वाशिंगटन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
प्रमुख मूल्य आंदोलन
रॉयटर्स के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल के वायदा अनुबंधों में गिरावट देखी गई।
- ब्रेंट क्रूड वायदा 94 सेंट या 1% गिरकर $93.45 प्रति बैरल पर आ गया।
- अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 92 सेंट या 1.06% की गिरावट के साथ $86.14 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
गिरावट के पीछे के कारण
कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से ईरान पर और अधिक प्रतिबंध लगाए जाने की उम्मीदों से प्रेरित है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें उन्होंने ईरान पर "इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध" लगाने की चेतावनी दी है।
Adइस घोषणा से पहले, निवेशकों ने हालिया बढ़त के बाद मुनाफावसूली करना उचित समझा। बाजार में यह एक आम रणनीति है, जहां व्यापारी किसी बड़ी घटना से पहले अपने जोखिम को कम करने के लिए अपनी स्थिति को समायोजित करते हैं।
बाजार का नजरिया
हालांकि ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक पर प्रतिबंध लगने से आमतौर पर आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं और कीमतें चढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा गिरावट एक अल्पकालिक प्रतिक्रिया है। निवेशक प्रतिबंधों की गंभीरता और वैश्विक तेल आपूर्ति पर उनके वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए वाशिंगटन से स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आने वाले समय में बाजार की दिशा प्रतिबंधों के विवरण और प्रमुख तेल उत्पादक देशों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। यह भू-राजनीतिक तनाव ऊर्जा बाजारों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिससे निवेशकों के लिए अस्थिरता बनी रहती है।