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अमेरिका-ईरान तनाव से तेल की कीमतों में साप्ताहिक उछाल, आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ीं

Summary
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में इस सप्ताह भारी वृद्धि दर्ज की गई है। निवेशकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने का डर है, जिससे कच्चे तेल के वायदा में 11% से अधिक की साप्ताहिक बढ़त हुई है।
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में इस सप्ताह भारी उछाल आया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। शुक्रवार को एशियाई कारोबार में कीमतों में मामूली वृद्धि हुई, जिससे दोनों प्रमुख बेंचमार्क एक बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर अग्रसर हैं।
बाजार पर भू-राजनीतिक तनाव का असर
इस सप्ताह नवीनतम शत्रुता के बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में एक बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम जुड़ गया है। दोनों बेंचमार्क, ब्रेंट और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI), इस सप्ताह 11% से अधिक की बढ़त हासिल करने की राह पर हैं।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर्स (सितंबर एक्सपायरी) 0.8% बढ़कर $84.88 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.9% की बढ़त के साथ $79.62 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
यह वृद्धि अमेरिकी सेना द्वारा गुरुवार को ईरान पर लगातार छठी रात हमले करने की पुष्टि के बाद हुई है। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कम करना है।
आपूर्ति संबंधी चिंताएं और होर्मुज जलडमरूमध्य
Adबाजार की मुख्य चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग को लेकर है, जहां से दुनिया की लगभग पांचवीं तेल और ईंधन की आपूर्ति होती है। तेहरान ने बार-बार इस महत्वपूर्ण मार्ग से शिपिंग को बाधित करने की धमकी दी है, और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बाद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पहले ही धीमी हो गई है। हालांकि, सोमवार की 10% की शुरुआती उछाल के बाद बाजार में और बड़ी तेजी नहीं आई है, क्योंकि व्यापारी लंबी अवधि की आपूर्ति बाधाओं की संभावना का आकलन कर रहे हैं।
अमेरिकी इन्वेंटरी डेटा का संकेत
इस सप्ताह जारी अमेरिकी इन्वेंटरी डेटा ने भी कच्चे तेल के बाजार में सख्ती के संकेत दिए हैं। ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार:
- 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से अधिक 1.7 मिलियन बैरल की गिरावट आई।
- गैसोलीन के भंडार में भी 1.5 मिलियन बैरल की कमी दर्ज की गई।
यह डेटा बाजार में आपूर्ति की कमी को दर्शाता है, जो कीमतों को और समर्थन दे सकता है। निवेशक अब कतर, मिस्र और पाकिस्तान सहित क्षेत्रीय मध्यस्थों द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर भी नजर रख रहे हैं।