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तेल की कीमतों में गिरावट से बाजारों को राहत, नजरें एनवीडिया के नतीजों पर

Summary
लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने वैश्विक बॉन्ड बाजारों को सहारा दिया है। अब निवेशकों का ध्यान चिप निर्माता एनवीडिया के आने वाले नतीजों और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर केंद्रित है।
लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक बाजारों में कुछ राहत मिली है, जिससे बॉन्ड बाजारों पर बना दबाव कम हुआ है। हालांकि, निवेशकों की नजरें अब चिप दिग्गज एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों और अमेरिकी महंगाई के महत्वपूर्ण आंकड़ों पर टिकी हैं, जो बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे।
तेल की कीमतों में नरमी
बुधवार को ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent crude futures) लगातार तीसरे दिन गिरकर 2% से अधिक की गिरावट के साथ लगभग $86 प्रति बैरल पर आ गया। यदि यह रुख बरकरार रहता है, तो यह जून के बाद से तेल की कीमतों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट हो सकती है।
कीमतों में इस नरमी का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से अधिक आपूर्ति की संभावना है। रॉयटर्स के अनुसार, ओमान और ईरान के बीच खाड़ी को फिर से नौगम्य बनाने के लिए बातचीत फिर से शुरू होने की खबरों से बाजार की धारणा को बल मिला है। इसके अलावा, वाशिंगटन का ध्यान सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक प्रतिबंधों पर केंद्रित होने से भी भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है।
एनवीडिया के नतीजों और अमेरिकी आंकड़ों पर फोकस
Adतेल बाजार से मिली राहत के बीच, शेयर बाजारों का ध्यान चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के आने वाले नतीजों पर है।
- AI बूम के केंद्र में रही इस कंपनी से राजस्व में साल-दर-साल दोगुनी वृद्धि की उम्मीद है।
- बाजार को उम्मीद है कि कंपनी अनुमानों को पार कर जाएगी, लेकिन उम्मीदें पहले से ही बहुत अधिक हैं, जिससे किसी भी निराशा का बड़ा असर हो सकता है।
- ऑप्शंस बाजार के आंकड़ों के अनुसार, नतीजों के बाद स्टॉक में लगभग 5% का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इसके साथ ही, निवेशक बुधवार को जारी होने वाले जुलाई के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। अनुमान है कि वार्षिक मुख्य मुद्रास्फीति दर अभी भी 3% से ऊपर रहेगी, जो फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से काफी अधिक है। यह डेटा फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष की जैक्सन होल संगोष्ठी में होने वाले महत्वपूर्ण भाषण से ठीक पहले आया है।