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अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में उछाल के बाद नरमी, आपूर्ति संबंधी चिंताएं बरकरार

Summary
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी के बाद थोड़ी नरमी आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंका से बाजार में चिंता बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में पिछले सत्र में आई जोरदार तेजी के बाद बुधवार को थोड़ी नरमी देखी गई। मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति में लंबी अवधि की बाधाओं को लेकर बाजार की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे कीमतों को समर्थन मिला हुआ है।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
यह घटनाक्रम अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर नए हवाई हमले करने और उसके जवाब में ईरान द्वारा जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य बलों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला करने के बाद हुआ है। यह हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर टकरावों में से एक है।
टकराव के बढ़ने से यह चिंता पैदा हो गई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल टैंकरों के पारगमन को और प्रतिबंधित किया जा सकता है, जिससे पहले से ही गंभीर आपूर्ति संकट और बढ़ जाएगा। सोमवार को सऊदी कच्चे तेल ले जा रहे दो सुपरटैंकरों पर जलडमरूमध्य के पास ड्रोन से हमला होने के बाद जोखिम और बढ़ गया है।
बाजार पर असर और कीमतें
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा 0.2% गिरकर $94.48 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) वायदा 0.8% फिसलकर $89.49 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले के कारोबारी सत्र में, दोनों बेंचमार्क कीमतों में लगभग 5% की बढ़ोतरी हुई थी, जो लगभग पांच सप्ताह में उनका उच्चतम स्तर था।
Adआईएनजी (ING) के विश्लेषकों ने एक रिपोर्ट में कहा, "हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह जारी है, लेकिन तनाव बढ़ने से पारगमन के लिए स्पष्ट रूप से जोखिम पैदा हो गया है।"
आपूर्ति और इन्वेंटरी डेटा
आपूर्ति पक्ष पर, ईरान के कच्चे तेल के निर्यात पर भी भारी असर पड़ा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कच्चा तेल लदान मार्च में लगभग 20 लाख बैरल प्रति दिन से घटकर अगस्त में 220,000 से 255,000 बैरल प्रति दिन के बीच रह गया है।
इस बीच, मंगलवार देर रात जारी अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के आंकड़ों से पता चला कि 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 2.6 मिलियन बैरल की कमी आई। अब निवेशकों की नजरें अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) द्वारा जारी किए जाने वाले अधिक विस्तृत साप्ताहिक इन्वेंटरी रिपोर्ट पर हैं।