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Nasdaq का मुनाफा अनुमानों से बेहतर, दमदार लिस्टिंग और डेटा राजस्व से मिला सहारा

Summary
प्रमुख लिस्टिंग और अस्थिर बाजार में डेटा सेवाओं की मजबूत मांग के चलते नैस्डैक ने दूसरी तिमाही में वॉल स्ट्रीट के मुनाफे के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। कंपनी का समायोजित मुनाफा और राजस्व दोनों विश्लेषकों की अपेक्षाओं से अधिक रहे।
प्रमुख एक्सचेंज ऑपरेटर नैस्डैक ने गुरुवार को दूसरी तिमाही के लिए वॉल स्ट्रीट के मुनाफे के अनुमानों को पार कर लिया, जिसका मुख्य कारण एक्सचेंज पर कई हाई-प्रोफाइल लिस्टिंग और अस्थिर बाजार के माहौल में डेटा सेवाओं की मजबूत मांग रही।
तिमाही के मुख्य वित्तीय आंकड़े
LSEG के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने विश्लेषकों की अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया। तिमाही के प्रमुख वित्तीय परिणामों में शामिल हैं:
- समायोजित मुनाफा: $1.07 प्रति शेयर, जबकि विश्लेषकों का औसत अनुमान 98 सेंट प्रति शेयर था।
- शुद्ध राजस्व: $1.5 बिलियन, जो पिछले साल की तुलना में 15% अधिक है।
- कैपिटल एक्सेस प्लेटफॉर्म्स: इस सेगमेंट का राजस्व 19% बढ़कर $621 मिलियन हो गया, जिसमें लिस्टिंग सेवाएं और बाजार डेटा शामिल हैं।
- वित्तीय प्रौद्योगिकी: फिन्टेक सेगमेंट का राजस्व 16% बढ़कर $539 मिलियन रहा।
- बाजार सेवाएं: इस सेगमेंट का शुद्ध राजस्व 11% बढ़कर $340 मिलियन हो गया, जिसे मजबूत कैश इक्विटी और इक्विटी ऑप्शंस वॉल्यूम से बढ़ावा मिला।
प्रदर्शन के पीछे के कारण
इस तिमाही में नैस्डैक के एक्सचेंज पर कई बड़ी लिस्टिंग हुईं, जिसमें स्पेसएक्स (SpaceX) का रिकॉर्ड तोड़ने वाला आईपीओ भी शामिल था। हालांकि लिस्टिंग से सीधे तौर पर फीस कम मिलती है, लेकिन इससे इक्विटी, ऑप्शंस और संबंधित बाजार सेवाओं में ट्रेडिंग बढ़ती है, जो एक्सचेंज के लिए मजबूत राजस्व का स्रोत है।
Adयह अवधि ट्रेडिंग व्यवसायों के लिए भी काफी आकर्षक रही, जिन्हें आमतौर पर उच्च अस्थिरता के दौर में फायदा होता है। अमेरिका-ईरान युद्ध और एआई ट्रेड पर बदलते सेंटिमेंट जैसी खबरों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा, जिससे हेजिंग की मांग में भी वृद्धि हुई। नैस्डैक ने अपनी वित्तीय प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर पेशकशों का विस्तार करके अपने कारोबार में विविधता लाई है, जिससे उसे आवर्ती राजस्व (recurring revenue) प्राप्त करने में मदद मिलती है।
एक्सचेंज ऑपरेटरों के लिए चुनौतियां
मजबूत नतीजों के बावजूद, इस साल निवेशकों ने अधिकांश एक्सचेंज ऑपरेटरों के प्रति सतर्क रुख अपनाया है। इसका एक बड़ा कारण कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) का कलशी (Kalshi) और कॉइनबेस (Coinbase) को क्रिप्टोकरेंसी के लिए परपेचुअल फ्यूचर्स ('perps') की पेशकश करने की अनुमति देना है, जिसे उनकी बाजार हिस्सेदारी के लिए एक खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
इस साल नैस्डैक के शेयरों में 6% से अधिक की गिरावट आई है, लेकिन इसका प्रदर्शन सीएमई (CME) और इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि सॉफ्टवेयर, डेटा और धोखाधड़ी की रोकथाम जैसी सेवाओं में नैस्डैक की पेशकश उसके कारोबार को सहारा देती है।