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मेटा के ज़करबर्ग ने चीनी AI मॉडलों पर प्रतिबंध के खिलाफ़ दी चेतावनी: फाइनेंशियल टाइम्स

Summary
मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि अमेरिका को AI दौड़ में बढ़त हासिल करने के लिए चीनी मॉडलों को ब्लॉक नहीं करना चाहिए। उन्होंने घरेलू प्रतिस्पर्धा को दबाने वाले नियमों के खिलाफ भी चेतावनी दी।
मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि अमेरिका को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दौड़ में आगे निकलने के लिए चीनी AI मॉडलों पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए। फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने इस तरह के कदम को 'एक प्रभावी समाधान नहीं' बताया।
चीनी AI पर ज़करबर्ग का नज़रिया
मंगलवार को प्रकाशित साक्षात्कार के अनुसार, ज़करबर्ग का मानना है कि अमेरिका में अत्याधुनिक चीनी AI पर प्रतिबंध लगाना AI क्षेत्र में बढ़त हासिल करने का सही तरीका नहीं होगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और चीन के बीच प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और AI के क्षेत्र में, तनाव बढ़ रहा है।
ज़करबर्ग की यह टिप्पणी मेटा की अपनी AI रणनीति के अनुरूप है, जो Llama जैसे ओपन-सोर्स मॉडल पर केंद्रित है। चीनी मॉडलों पर प्रतिबंध लगाने से ओपन-सोर्स इकोसिस्टम को नुकसान हो सकता है और कुछ प्रमुख अमेरिकी कंपनियों का प्रभुत्व बढ़ सकता है। रॉयटर्स के अनुसार, मेटा ने इस मामले पर व्यावसायिक घंटों के बाहर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।
Adघरेलू प्रतिस्पर्धा पर चिंता
ज़करबर्ग ने अमेरिकी AI कंपनियों द्वारा "नियामक कब्ज़े" (regulatory capture) के जोखिम के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कुछ प्रमुख AI लैब ऐसे नियम बनाने के लिए दबाव डाल सकती हैं जो नवागंतुकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल बना दें, जिससे घरेलू नवाचार बाधित हो सकता है।
इस चेतावनी का सीधा असर AI उद्योग की संरचना पर पड़ सकता है। यदि केवल कुछ बड़ी कंपनियों को ही अत्याधुनिक मॉडल विकसित करने की अनुमति दी जाती है, तो यह छोटी कंपनियों और ओपन-सोर्स परियोजनाओं के लिए बाज़ार में प्रवेश करना कठिन बना सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाएगी। निवेशकों और बाज़ार विश्लेषकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि नियामक वातावरण AI क्षेत्र में भविष्य के विकास और निवेश को बहुत प्रभावित करेगा।