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प्रमुख करेंसी जोड़ों में बुधवार को अरबों डॉलर के ऑप्शंस होंगे एक्सपायर

Summary
डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD, USD/JPY और GBP/USD सहित प्रमुख करेंसी जोड़ों में बुधवार को अरबों डॉलर के ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स समाप्त होने वाले हैं, जिससे बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है।
डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉरपोरेशन (DTCC) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को प्रमुख करेंसी जोड़ों में अरबों डॉलर की नोशनल वैल्यू वाले कई बड़े ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स एक्सपायर होने वाले हैं। यह घटनाक्रम विदेशी मुद्रा बाजार में अल्पकालिक मूल्य गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
EUR/USD और USD/JPY में बड़ी एक्सपायरी
सबसे अधिक गतिविधि यूरो/अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) और अमेरिकी डॉलर/जापानी येन (USD/JPY) जोड़ों में केंद्रित है। इन जोड़ों के लिए प्रमुख स्ट्राइक प्राइस पर बड़ी मात्रा में ऑप्शंस समाप्त हो रहे हैं।
- EUR/USD:
- €1.88 अरब की एक्सपायरी 1.1400 के स्ट्राइक प्राइस पर।
- €1.33 अरब की एक्सपायरी 1.1500 के स्ट्राइक प्राइस पर।
- €960 मिलियन की एक्सपायरी 1.1750 के स्ट्राइक प्राइस पर।
- USD/JPY:
- $1.12 अरब की एक्सपायरी 164.50 के स्ट्राइक प्राइस पर।
- $1.05 अरब की एक्सपायरी 160.00 के स्ट्राइक प्राइस पर।
- $949.6 मिलियन की एक्सपायरी 163.50 के स्ट्राइक प्राइस पर।
इसके अतिरिक्त, DTCC डेटा से पता चलता है कि 13 जुलाई को USD/JPY में 160.50 के स्ट्राइक पर $3.42 अरब की एक और बड़ी एक्सपायरी निर्धारित है।
अन्य प्रमुख जोड़ों पर भी असर
Adअन्य प्रमुख करेंसी जोड़ों में भी महत्वपूर्ण एक्सपायरी देखने को मिलेगी। ब्रिटिश पाउंड/अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) में 1.3350 के स्ट्राइक प्राइस पर £1.37 अरब के ऑप्शंस बुधवार को समाप्त होंगे।
अमेरिकी डॉलर/कैनेडियन डॉलर (USD/CAD) में भी कई एक्सपायरी हैं, जिनमें 1.4250 पर $731.4 मिलियन और 1.4100 पर $594.3 मिलियन शामिल हैं। इनके अलावा AUD/USD, USD/CNY, और EUR/GBP जैसे अन्य जोड़ों में भी विभिन्न स्ट्राइक कीमतों पर ऑप्शंस एक्सपायर होंगे।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
बड़े ऑप्शंस की एक्सपायरी अक्सर स्पॉट करेंसी बाजार के लिए "प्राइस मैग्नेट" (price magnets) के रूप में काम कर सकती है। इसका मतलब है कि एक्सपायरी के समय के करीब, संबंधित करेंसी जोड़ी की कीमत उन स्ट्राइक प्राइस की ओर आकर्षित हो सकती है जहाँ सबसे बड़ी ओपन इंटरेस्ट या वैल्यू होती है।
इस घटना के कारण एक्सपायरी के आसपास अस्थिरता बढ़ सकती है या कीमतें एक सीमित दायरे में रह सकती हैं। हालांकि, यह प्रभाव आमतौर पर अल्पकालिक होता है और बाजार की दिशा को स्थायी रूप से निर्धारित नहीं करता है।