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SLB के साथ डेटा सेंटर पावर गठबंधन के बाद लिबर्टी एनर्जी के शेयरों में उछाल

Summary
लिबर्टी एनर्जी और SLB ने डेटा सेंटर के लिए बिजली उत्पादन समाधान प्रदान करने हेतु एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिससे लिबर्टी के शेयरों में प्री-मार्केट कारोबार में लगभग 3% की वृद्धि हुई।
लिबर्टी एनर्जी इंक. (Liberty Energy Inc.) और SLB ने डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे और बिजली उत्पादन समाधान प्रदान करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस खबर के बाद मंगलवार को प्री-मार्केट कारोबार में लिबर्टी एनर्जी के शेयरों में लगभग 3% की तेजी देखी गई, जबकि SLB के शेयर 0.8% चढ़े।
साझेदारी का विवरण
यह गठबंधन दुनिया भर में नई डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए मॉड्यूलर इंफ्रास्ट्रक्चर और एकीकृत बिजली उत्पादन देने के लिए दोनों कंपनियों की क्षमताओं को एकजुट करेगा। इस सहयोग के तहत:
- SLB मॉड्यूलर इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान, परियोजना निष्पादन क्षमताएं और वैश्विक बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा।
- लिबर्टी एनर्जी मॉड्यूलर बिजली उत्पादन प्रणाली, 'बिहाइंड-द-मीटर' इंटेलिजेंट पावर कंट्रोल और परिचालन विशेषज्ञता मुहैया कराएगी।
AI की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना
Adयह साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों की बढ़ती जटिल ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की गई है, जिससे नई डेटा सेंटर क्षमता की तेजी से तैनाती में मदद मिलेगी। कई डेवलपर्स 'बिहाइंड-द-मीटर' बिजली समाधान चाहते हैं जिन्हें पारंपरिक ग्रिड कनेक्शन पर निर्भर हुए बिना तैनात किया जा सके।
SLB के न्यू एनर्जी एंड इंडस्ट्रियल बिजनेस के अध्यक्ष गेविन रेनिक ने कहा, "AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बाधा अब केवल कंप्यूटिंग क्षमता नहीं है, बल्कि बाजार की मांग के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली देने की क्षमता है।" लिबर्टी एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉन गुसेक के अनुसार, "AI ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर का पैमाना और जटिलता बिजली प्रणालियों के निर्माण और तैनाती के तरीके को मौलिक रूप से बदल रही है।"
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
आंकड़ों के अनुसार, SLB ने अप्रैल 2024 से अब तक डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए 1.3 गीगावाट से अधिक प्रीफैब्रिकेटेड मॉड्यूलर इंफ्रास्ट्रक्चर की आपूर्ति की है और साल के अंत तक वैश्विक स्तर पर कुल डिलीवरी 2 गीगावाट से अधिक होने की उम्मीद है। वहीं, लिबर्टी की योजना 2029 तक लगभग 3 गीगावाट की बिजली परियोजनाओं को तैनात करने की है। दोनों कंपनियां हाइब्रिड पावर सिस्टम, डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन और उन्नत पावर आर्किटेक्चर जैसी तकनीकों पर भी सहयोग करेंगी।