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जापानी येन 40 साल के निचले स्तर के करीब, टोक्यो के हस्तक्षेप के संकल्प की परीक्षा

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Jul 12, 20262 min read
जापानी येन 40 साल के निचले स्तर के करीब, टोक्यो के हस्तक्षेप के संकल्प की परीक्षा
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जापानी येन मंगलवार को एक बार फिर कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 40 साल के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। व्यापारियों ने जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप का कोई संकेत न मिलने पर येन को और नीचे धकेल दिया है, हालांकि किसी भी समय अचानक हस्तक्षेप का जोखिम बना हुआ है।

येन पर बढ़ता दबाव

एशियाई कारोबार की शुरुआत में, येन डॉलर के मुकाबले 162 के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले भी येन 2007 के बाद के सबसे निचले स्तर 217.09 के पास आ गया, जबकि यूरो के मुकाबले यह 185.47 पर था।

एमयूएफजी (MUFG) के वरिष्ठ मुद्रा विश्लेषक ली हार्डमैन ने कहा, "पिछले सप्ताह के अंत में ऐसी अटकलें थीं कि जापान अमेरिकी छुट्टी के दौरान येन को समर्थन देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, जब बाजार में तरलता कम होती है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे येन ने अपनी हालिया बढ़त खो दी।"

अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख और बाजार की उम्मीदें

व्यापक बाजार में, अमेरिकी डॉलर कमजोर बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण उम्मीद से काफी कमजोर अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट के बाद निवेशकों ने इस साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया है।

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बाजार अब दिसंबर तक फेडरल रिजर्व द्वारा लगभग 29 आधार अंकों (basis points) की दर वृद्धि की उम्मीद कर रहा है, जो एक सप्ताह पहले लगभग 38 आधार अंक थी। अब निवेशकों की नजर बुधवार को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की जून बैठक के मिनट्स पर है, जिससे भविष्य में दरों को लेकर कुछ संकेत मिल सकते हैं।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है

येन की यह कमजोरी एक दोधारी तलवार है। एक तरफ, यह जापान के निर्यातकों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे उनके उत्पाद विदेशी बाजारों में सस्ते हो जाते हैं। दूसरी ओर, यह आयात की लागत को बढ़ाता है, जिससे देश में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी अनिश्चितता यह है कि जापानी अधिकारी कब और किस पैमाने पर हस्तक्षेप करेंगे। येन की मौजूदा कमजोरी सिर्फ डॉलर की मजबूती के कारण नहीं है, बल्कि यह येन की अपनी आंतरिक कमजोरी को भी दर्शाती है। बाजार अब टोक्यो के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जो मुद्रा की भविष्य की दिशा तय करेगा।

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