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डॉलर के मुकाबले येन 160 के करीब, सरकारी हस्तक्षेप का असर फीका पड़ा

जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 159.21 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो 34 साल के निचले स्तर के बेहद करीब है। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि जापानी अधिकारियों द्वारा येन को मजबूत करने के लिए पहले किए गए प्रयासों का असर अब बाजार में कम हो रहा है।
हस्तक्षेप की आशंका और बाजार की प्रतिक्रिया
अप्रैल और मई में जब येन 160 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया था, तो माना जाता है कि जापानी अधिकारियों ने मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया था। हालांकि, येन का हालिया मूल्यह्रास बताता है कि उस हस्तक्षेप का प्रभाव अस्थायी था और अब बाजार फिर से अधिकारियों के संकल्प की परीक्षा ले रहा है।
व्यापारी और निवेशक किसी भी नए हस्तक्षेप की संभावना को लेकर सतर्क हैं। 160 के स्तर को एक महत्वपूर्ण सीमा माना जाता है, जिसके पार होने पर जापान के वित्त मंत्रालय द्वारा दोबारा कार्रवाई की जा सकती है।
गिरावट के मूल कारण
येन पर लगातार दबाव का मुख्य कारण जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच मौद्रिक नीति का बड़ा अंतर है।
Ad- ब्याज दर का अंतर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए ब्याज दरों को ऊंचा रखा है, जबकि बैंक ऑफ जापान ने अपनी दरें शून्य के करीब रखी हैं।
- कैरी ट्रेड: इस बड़े ब्याज दर अंतर के कारण निवेशक कम ब्याज वाले येन को बेचकर उच्च ब्याज वाले डॉलर को खरीद रहे हैं, जिसे 'कैरी ट्रेड' कहा जाता है। यह प्रवृत्ति येन पर लगातार बिक्री का दबाव बनाती है।
निवेशकों के लिए निहितार्थ
येन की मौजूदा कमजोरी जापानी निर्यातकों के लिए फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इससे उनके विदेशी मुनाफे का मूल्य बढ़ जाता है। हालांकि, यह जापान के लिए आयात लागत को भी बढ़ाता है, जिससे घरेलू मुद्रास्फीति पर दबाव पड़ सकता है।
बाजार में USD/JPY जोड़ी में अस्थिरता बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि व्यापारी जापानी अधिकारियों के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। किसी भी मौखिक चेतावनी या बाजार में प्रत्यक्ष कार्रवाई से विनिमय दर में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है।