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जापान भूकंप: पानी-बिजली की किल्लत और गर्मी से बढ़ी मुश्किलें, टोयोटा-सोनी का उत्पादन रुका

Summary
दक्षिणी जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद राहत कार्यों में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी और बिजली की आपूर्ति ठप होने से हजारों लोग प्रभावित हैं, जबकि टोयोटा और सोनी जैसी बड़ी कंपनियों को अपना उत्पादन रोकना पड़ा है।
दक्षिणी जापान में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने यात्सुशिरो शहर में भारी तबाही मचाई है, जिससे हजारों घर पानी और बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच बुनियादी सुविधाओं की कमी ने स्थानीय अधिकारियों और निवासियों के लिए एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
भूकंप का प्रभाव और मानवीय संकट
कुमामोटो प्रीफेक्चर सरकार के अनुसार, भूकंप के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है। जापान के शीर्ष सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि भूकंप से संबंधित अन्य मामलों की जांच के बाद यह आंकड़ा 28 तक पहुंच सकता है। यात्सुशिरो शहर में लगभग 58,000 परिवार भूकंप के दो दिन बाद भी पानी और बिजली की आपूर्ति से वंचित हैं।
शहर के एक अधिकारी, अकियो मात्सुशिता ने बताया कि क्षतिग्रस्त जल लाइनों की मरम्मत में "दिन, हफ़्ते या महीने" लग सकते हैं। लगभग 35 डिग्री सेल्सियस (95 डिग्री फ़ारेनहाइट) के तापमान और उमस के बीच पानी की कमी विशेष रूप से चिंताजनक है। अधिकारियों को राहत शिविरों और महत्वपूर्ण स्थलों पर एयर कंडीशनिंग इकाइयाँ स्थापित करने के लिए सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF) की मदद लेनी पड़ रही है।
प्रमुख उद्योगों पर असर
इस भूकंप ने जापान के एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र क्यूशू में उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जो ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस आपदा के आर्थिक प्रभाव भी सामने आने लगे हैं, क्योंकि कई बड़ी कंपनियों ने अस्थायी रूप से अपना परिचालन बंद कर दिया है।
Adप्रभावित होने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं:
- ऑटोमोबाइल निर्माता: टोयोटा, होंडा और निसान
- इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक कंपनियां: सोनी और ताइवान की TSMC
इन कंपनियों ने नुकसान का आकलन करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ उत्पादन इकाइयों को रोक दिया है। यह निलंबन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकता है, विशेष रूप से ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में।
राहत कार्य और चुनौतियां
जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स (SDF) राहत कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई है। SDF के ट्रक पूरे शहर में पानी के टैंकर पहुंचा रहे हैं, लेकिन निवासियों को प्रति व्यक्ति केवल 3 लीटर पानी सीमित किया गया है। पेट्रोल स्टेशनों पर लंबी कतारें लगी हैं और जो कुछ दुकानें खुली हैं, उनमें आवश्यक सामानों की भारी कमी है। यह क्षेत्र 2016 में भी शक्तिशाली भूकंपों का सामना कर चुका है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार के झटके कहीं ज़्यादा शक्तिशाली थे।