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आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार धड़ाम, निफ्टी एक महीने के निचले स्तर पर

बुधवार को कारोबार के अंत में भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि आईटी, टेक्नोलॉजी और रियल एस्टेट सेक्टरों में हुए नुकसान ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींच लिया। एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 0.86% गिरकर एक महीने के नए निचले स्तर पर आ गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 1.08% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में चौतरफा बिकवाली
बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक था, जो बाजार की धारणा में कमजोरी का संकेत देता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, 1,572 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि केवल 1,031 शेयरों में तेजी रही। इसी तरह, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 2,310 शेयरों में गिरावट आई और 1,774 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली के कारण हुई। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में लगभग 4% या उससे अधिक की गिरावट आई, जिससे पूरे सेक्टर और बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
निफ्टी 50 के टॉप गेनर और लूज़र
Adइस गिरावट के दौर में भी कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। वहीं, आईटी शेयरों ने सूचकांक पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।
- प्रमुख गेनर: अडानी एंटरप्राइजेज (+5.12%), अडानी पोर्ट्स (+3.22%), और कोल इंडिया (+2.44%) दिन के शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में रहे।
- प्रमुख लूज़र: इंफोसिस (-4.55%), एचसीएल टेक्नोलॉजीज (-3.99%), और टेक महिंद्रा (-3.59%) सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल थे।
अस्थिरता में उछाल
बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर अस्थिरता सूचकांक पर भी दिखा। इंडिया VIX, जो निफ्टी 50 ऑप्शंस की अनुमानित अस्थिरता को मापता है और इसे 'फियर इंडेक्स' भी कहा जाता है, 6.63% उछलकर 11.98 पर पहुंच गया। VIX में वृद्धि आमतौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट का संकेत देती है, जो निकट भविष्य में बाजार में और उतार-चढ़ाव की आशंका जताता है।