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भारत ने ईंधन निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर घटाया, नई दरें शनिवार से लागू

Summary
भारत सरकार ने डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती की है, जबकि पेट्रोल पर इस कर को शून्य कर दिया गया है। संशोधित दरें शनिवार से प्रभावी होंगी।
भारत सरकार ने शुक्रवार को जारी एक आदेश में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर (windfall profit tax) में कटौती की घोषणा की है। यह संशोधन शनिवार से लागू हो गया है, जिससे तेल रिफाइनिंग कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
संशोधित कर दरें
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न ईंधनों पर निर्यात शुल्क में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
- डीजल: निर्यात कर ₹25.5 प्रति लीटर से घटाकर ₹24 प्रति लीटर कर दिया गया है।
- पेट्रोल: इस पर लगने वाला ₹3.5 प्रति लीटर का निर्यात कर घटाकर शून्य कर दिया गया है।
- विमानन टरबाइन ईंधन (ATF): एटीएफ पर टैक्स ₹22 प्रति लीटर से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया गया है।
बाजार के लिए क्या हैं मायने
Adइस कर कटौती का सीधा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी तेल शोधन और निर्यातक कंपनियों को होगा। निर्यात शुल्क में कमी से उनके मार्जिन में सुधार होगा, खासकर उन उत्पादों पर जिनकी वैश्विक मांग बनी हुई है। निवेशक इन कंपनियों के शेयरों पर इस खबर के प्रभाव को देखेंगे।
संदर्भ और पृष्ठभूमि
भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में अप्रत्याशित लाभ कर लगाया था। यह कदम उन तेल उत्पादकों और रिफाइनरियों पर लगाया गया था जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण असाधारण मुनाफा कमा रहे थे। सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों के आधार पर हर दो सप्ताह में इन करों की समीक्षा करती है। यह नवीनतम कटौती वैश्विक तेल कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव के बाद की गई है।