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डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोना 2% चढ़ा, कीमतें $4,500 प्रति औंस के करीब

Summary
अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण गुरुवार को सोने की कीमतों में 2% से अधिक की तेजी आई, जो लगभग $4,500 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। निवेशक अब अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मौद्रिक नीति के भविष्य पर संकेत मिलेंगे।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और सरकारी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण गुरुवार को सोने की कीमतों में 2% से अधिक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे यह लगभग $4,500 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया। प्रमुख अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के जारी होने से पहले, इन कारकों ने कीमती धातु की मांग को फिर से बढ़ा दिया है।
बाजार की प्रमुख गतिविधियां
डॉलर और यील्ड में नरमी ने सोने को निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बना दिया है, जिससे लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में इसकी कीमतों में तेजी आई है। इससे पहले बुधवार को सोना लगभग चार सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
- हाजिर सोना (XAU/USD): अमेरिकी पूर्वी समयानुसार सुबह 8:16 बजे तक, यह 1.2% बढ़कर $4,474.77 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
- सोना वायदा: 2.4% की बढ़त के साथ $4,521.61 प्रति औंस पर पहुंच गया।
- अन्य कीमती धातुएं: चांदी 1.7% और प्लैटिनम 0.5% चढ़े।
- डॉलर इंडेक्स: 0.5% गिरकर 99.08 पर आ गया, जो सोने की तेजी का एक मुख्य कारण था।
फेडरल रिजर्व के संकेत और आर्थिक आंकड़े
बाजार की नजरें शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति की दिशा का अनुमान लगाया जा सकेगा। हाल के आंकड़ों और बयानों ने ब्याज दरों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ाई है।
Adन्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी मुद्रास्फीति में नरमी के संकेत दिख रहे हैं। इसके अलावा, ADP रोजगार रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में निजी क्षेत्र में केवल 38,000 नौकरियां जुड़ीं, जो भर्ती में एक महत्वपूर्ण मंदी का संकेत है। इन नरम आंकड़ों से फेड द्वारा आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई हैं। हालांकि, पिछले हफ्ते जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड अधिकारियों के आक्रामक बयानों ने दर वृद्धि की आशंकाओं को जीवित रखा था।
भू-राजनीतिक संदर्भ और निवेशक दृष्टिकोण
सोने की कीमतों पर भू-राजनीतिक तनाव का भी असर पड़ा है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान के बाद कि ईरान पर हालिया अमेरिकी कार्रवाई अल्पकालिक हो सकती है, तेल की कीमतों में वृद्धि कुछ हद तक धीमी हुई। इससे मुद्रास्फीति संबंधी कुछ चिंताएं कम हुईं, जो पहले सोने पर दबाव डाल रही थीं।
बढ़ती ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक होती हैं क्योंकि यह एक गैर-ब्याज वाली संपत्ति है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक सोने के बजाय ब्याज देने वाली संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं। डॉलर और यील्ड में मौजूदा गिरावट ने इस दबाव को कम कर दिया है, जिससे सोने में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ गई है।