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डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट से सोना एक सप्ताह के निचले स्तर से 1% से अधिक उछला

Summary
गुरुवार को अमेरिकी डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुईं, जिससे सोने की कीमतों में पिछले सत्र के एक सप्ताह के निचले स्तर से 1% से अधिक की तेजी आई।
गुरुवार को सोने की कीमतों में 1% से अधिक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जो पिछले सत्र में एक सप्ताह के निचले स्तर से एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आया, जिससे मुद्रास्फीति को लेकर निवेशकों की चिंताएं कुछ हद तक कम हो गईं।
## बाजार की चाल के प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में यह उछाल मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी कमी आने के बाद आया। Investing.com के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद बाजार की धारणा में सुधार हुआ कि ईरान ने एक समझौते पर पहुंचने के लिए वाशिंगटन से संपर्क किया है। इस बयान से तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा, जो पहले ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य हमलों के कारण बढ़ गई थीं।
डॉलर के कमजोर होने से भी सोने को समर्थन मिला, क्योंकि इससे अन्य मुद्राएं रखने वाले खरीदारों के लिए डॉलर-मूल्यवान बुलियन सस्ता हो जाता है।
- हाजिर सोना (Spot Gold): 1.2% बढ़कर $4,124.36 प्रति औंस पर पहुंच गया।
- सोना वायदा (Gold Futures): 1.2% की बढ़त के साथ $4,133.17 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
## फेडरल रिजर्व का रुख और मुद्रास्फीति
Adयह मूल्य वृद्धि फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के मिनट्स जारी होने के एक दिन बाद हुई है। मिनट्स से पता चला कि ब्याज दरों के भविष्य को लेकर नीति निर्माताओं के बीच मतभेद था। कुछ सदस्य तेल की बढ़ती कीमतों से प्रेरित मुद्रास्फीति के कारण तत्काल दर वृद्धि के पक्ष में थे।
हालांकि, तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने उन चिंताओं को कम कर दिया है। ट्रेड नेशन के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक डेविड मॉरिसन ने कहा, "कई सदस्य उम्मीद कर रहे हैं कि तेल की कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति में अचानक गिरावट आएगी। इससे इस साल के बाकी समय में आक्रामक मौद्रिक सख्ती की आवश्यकता कम हो जाएगी।" न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने भी गुरुवार को कहा कि उन्हें साल के बाकी समय में ऊर्जा की कीमतों में लगातार वृद्धि की उम्मीद नहीं है।
## निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
सोने का बाजार वर्तमान में भू-राजनीतिक घटनाओं और अमेरिकी मौद्रिक नीति की उम्मीदों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। गुरुवार की रिकवरी दर्शाती है कि मुद्रास्फीति के दबाव में कोई भी कमी सोने के लिए सकारात्मक हो सकती है, क्योंकि यह फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम करती है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक होती हैं क्योंकि इससे गैर-ब्याज वाली संपत्ति रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है। निवेशक आगे की दिशा के लिए मध्य पूर्व के घटनाक्रम और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर करीब से नजर रखेंगे।