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डॉलर की मजबूती और ईरान तनाव से तेल की कीमतों में उछाल के बीच सोना 1% से अधिक गिरा

Summary
मंगलवार को डॉलर के मजबूत होने और मध्य पूर्व में ईरान से संबंधित तनाव बढ़ने के कारण तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे सोने की कीमतों में 1% से अधिक की गिरावट आई। निवेशक अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर अधिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
मंगलवार को सोने की कीमतों में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण डॉलर का मजबूत होना और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में आया उछाल रहा। स्पॉट गोल्ड 1.4% गिरकर 4,108.56 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स 1.2% की गिरावट के साथ 4,116.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख किया, जिससे डॉलर को मजबूती मिली। मजबूत डॉलर आमतौर पर विदेशी खरीदारों के लिए सोने को महंगा बना देता है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है। यह तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद बढ़ा, जिसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल उत्पादों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तीन अलग-अलग तेल टैंकरों पर हमले हुए। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटनाक्रम ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच हाल ही में हुए एक अंतरिम शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार को तेल की कीमतों में 5% से अधिक का उछाल आया।
Adइस भू-राजनीतिक तनाव के अलावा, निवेशक मौद्रिक नीति के संकेतों के लिए फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के विवरण (मिनट्स) का भी इंतजार कर रहे हैं। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर डॉलर को मजबूत करती हैं और सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति पर दबाव डालती हैं। फेड ने पहले ही संकेत दिया है कि उसका ध्यान मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर है, और जून की बैठक के विवरण से भविष्य की नीतिगत दिशा के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।