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अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में गिरावट

Summary
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पसंदीदा मुद्रास्फीति गेज, व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) के आंकड़ों के जारी होने से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। निवेशक ब्याज दरों पर फेड के भविष्य के रुख के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
बुधवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा बारीकी से देखे जाने वाले प्रमुख मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। ये आंकड़े केंद्रीय बैंक की भविष्य की ब्याज दर नीति को प्रभावित कर सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, हाजिर सोना (spot gold) 0.9% गिर गया, जबकि सोना वायदा (gold futures) में 0.4% की गिरावट आई। इस गिरावट के साथ, सोने की लगातार तीन हफ्तों से चली आ रही तेजी का सिलसिला खत्म होने की संभावना है।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सोने को कुछ सहारा मिला है। मध्य पूर्व में राजनयिक प्रगति की खबरों के बीच तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कुछ हद तक कम हुईं। ऊर्जा की कम लागत मुद्रास्फीति पर दबाव कम करती है, जिससे फेड पर ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने का दबाव भी घट सकता है।
बाजार की नजर PCE आंकड़ों पर
निवेशकों का ध्यान अब अमेरिका के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक के नवीनतम आंकड़ों पर केंद्रित है, जो फेड का पसंदीदा मुद्रास्फीति मापक है।
Ad- अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो के अनुसार, जुलाई में समाप्त 12 महीनों में, वार्षिक PCE सूचकांक 3.7% पर स्थिर रहा, जो 3.6% की बाजार उम्मीदों से थोड़ा अधिक था।
- महीने-दर-महीने आधार पर, समग्र PCE में 0.2% की वृद्धि हुई।
- खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर, कोर PCE सूचकांक महीने-दर-महीने 0.2% और साल-दर-साल 3.3% बढ़ा, जो दोनों अर्थशास्त्रियों के पूर्वानुमान के अनुरूप थे।
ये आंकड़े फेड अधिकारियों को संकेत दे सकते हैं कि सितंबर की बैठक से पहले मूल्य दबाव अभी भी बना हुआ है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
बाजार सहभागी जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड अधिकारियों के भाषणों से भी संकेतों की तलाश में हैं, ताकि यह समझा जा सके कि केंद्रीय बैंक लगातार मुद्रास्फीति और समग्र आर्थिक दृष्टिकोण के बीच कैसे संतुलन बना रहा है।
ट्रेड नेशन के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक डेविड मॉरिसन ने कहा कि PCE रिपोर्ट और जैक्सन होल के भाषण "सोने के लिए अगले बड़े उतार-चढ़ाव के उत्प्रेरक" हो सकते हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता है, इसलिए उच्च ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) को बढ़ा देती हैं, जिससे यह निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।