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फ्रेज़र्स ने ह्यूगो बॉस में हिस्सेदारी 30% से ऊपर बढ़ाई, अधिग्रहण की पेशकश अनिवार्य

Summary
ब्रिटिश रिटेलर फ्रेज़र्स ग्रुप ने जर्मन फैशन हाउस ह्यूगो बॉस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 30.28% कर ली है। इस कदम से जर्मन नियमों के तहत एक अनिवार्य अधिग्रहण बोली शुरू हो गई है।
ब्रिटिश रिटेलर फ्रेज़र्स ग्रुप ने जर्मन फैशन हाउस ह्यूगो बॉस में अपनी हिस्सेदारी को एक प्रमुख नियामक सीमा से आगे बढ़ा दिया है, जिससे कंपनी के लिए अधिग्रहण की बोली लगाना अनिवार्य हो गया है। फ्रेज़र्स ने मंगलवार को घोषणा की कि ह्यूगो बॉस में उसकी कुल हिस्सेदारी अब 30.28% हो गई है।
हिस्सेदारी में वृद्धि और इसके मायने
फ्रेज़र्स ने ह्यूगो बॉस के अतिरिक्त 2.55 मिलियन शेयर खरीदे, जिससे उसकी हिस्सेदारी पहले के 26.06% से बढ़कर 30% की सीमा को पार कर गई। जर्मन अधिग्रहण नियमों के अनुसार, जब कोई निवेशक किसी कंपनी में 30% से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर लेता है, तो उसे सभी शेयरधारकों के लिए एक अनिवार्य अधिग्रहण प्रस्ताव देना होता है।
इस कदम से फ्रेज़र्स, जो पहले से ही ह्यूगो बॉस का सबसे बड़ा शेयरधारक है, जर्मन ब्रांड पर नियंत्रण हासिल करने की अपनी कोशिशों में और आगे बढ़ गया है।
पिछला प्रस्ताव और ह्यूगो बॉस का रुख
Adफ्रेज़र्स ने जून में ह्यूगो बॉस को €38 प्रति शेयर पर खरीदने का प्रस्ताव दिया था, जिसका कुल मूल्य लगभग €2 बिलियन ($2.28 बिलियन) था। हालांकि, ह्यूगो बॉस के प्रबंधन ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज करने की सलाह दी थी कि यह "वित्तीय रूप से अपर्याप्त" है।
ताजा घटनाक्रम पर, ह्यूगो बॉस ने रॉयटर्स को बताया कि फ्रेज़र्स ग्रुप की बढ़ी हुई हिस्सेदारी का "स्वैच्छिक अधिग्रहण प्रस्ताव या प्रस्ताव प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।" फ्रेज़र्स ने कहा कि उसका प्रस्ताव अभी भी खुला है, जिसकी प्रारंभिक स्वीकृति अवधि 27 जुलाई को समाप्त हो रही है।
फ्रेज़र्स की रणनीति पर प्रभाव
अधिग्रहण की इन कोशिशों के कारण फ्रेज़र्स ने अपने वित्तीय पूर्वानुमानों में अनिश्चितता का हवाला दिया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा था कि ह्यूगो बॉस और ऑस्ट्रेलियाई फुटवियर रिटेलर एक्सेंट (Accent) के लिए चल रही अधिग्रहण बोलियों के कारण वह अपने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए आउटलुक जारी नहीं कर रही है। यह इस बात का संकेत है कि ये अधिग्रहण सौदे कंपनी की भविष्य की रणनीति के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।