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होरमुज़ की अनिश्चितता से यूरोपीय गैस की कीमतों में 2% से अधिक का उछाल

Summary
होरमुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से पारगमन को लेकर अनिश्चितता के कारण सोमवार को यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में फिर से तेजी आई, जिसने वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के प्रति यूरोप की संवेदनशीलता को उजागर किया।
यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में सोमवार को फिर से तेजी देखी गई, क्योंकि होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से पारगमन को लेकर बनी अनिश्चितता ने आपूर्ति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यह घटनाक्रम वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के प्रति यूरोप की निरंतर संवेदनशीलता को उजागर करता है।
प्रमुख मूल्य गतिविधियाँ
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, ऊर्जा बाजारों में सोमवार को महत्वपूर्ण हलचल देखी गई, जिसने पिछले सप्ताह की कुछ गिरावट की भरपाई की।
- बेंचमार्क डच फ्रंट-मंथ फ्यूचर्स 2.9% बढ़कर लगभग 56.90 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा पर कारोबार कर रहा था।
- इसके समकक्ष ब्रिटिश थोक अनुबंध 2.6% बढ़कर 139.50 पेंस प्रति थर्म पर पहुंच गया।
उछाल के पीछे के कारण
कीमतों में यह उछाल ईरान और ओमान के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य में नए शिपिंग चैनलों को लेकर एक मसौदा समझौते की खबरों के बाद आया है। हालांकि, रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को पूरी तरह से फिर से खोलने के लिए अतिरिक्त अमेरिकी शर्तों को पूरा करने पर जोर दिया है।
Adइन अनसुलझी मांगों का मतलब है कि फारस की खाड़ी से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) यातायात का तत्काल सामान्यीकरण अभी संभव नहीं है। इससे वैश्विक आपूर्ति संतुलन तंग बना हुआ है, जो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव डाल रहा है।
यूरोप के लिए इसका क्या मतलब है
यह अनिश्चितता यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर आई है। कतर जैसे प्रमुख मध्य पूर्वी निर्यातकों से शिपिंग में देरी आगामी सर्दियों के हीटिंग सीजन से पहले पर्याप्त बफर बनाने के यूरोप के प्रयासों में बाधा डाल रही है।
आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय संघ के गैस भंडारण अगस्त के मध्य तक लगभग 56% क्षमता तक ही भरे हैं, जो इस समय के लिए ऐतिहासिक औसत से काफी कम है। दक्षिणी यूरोप में असामान्य रूप से गर्म मौसम ने एयर-कंडीशनिंग की मांग को बढ़ाकर इस कमी को और बढ़ा दिया है, जिससे बिजली उत्पादकों को गैस भंडारण के बजाय जलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक फारस की खाड़ी में बातचीत से कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकलता, तब तक बाजार संवेदनशील बना रहेगा।