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मध्य पूर्व के तनाव से राहत के बाद यूरोपीय गैस की कीमतें एक महीने के उच्चतम स्तर से घटीं

गुरुवार को यूरोपीय थोक प्राकृतिक गैस की कीमतों में नरमी आई, जो एक महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हट गईं। यह राहत तब मिली जब बाजार ने मध्य पूर्व में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के शुरुआती झटके को आत्मसात कर लिया, जिसने महाद्वीप की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर फिर से चिंताएँ बढ़ा दी थीं।
बाजार की प्रमुख हलचल
बुधवार को मध्य जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद, यूरोपीय गैस बाजार में कुछ स्थिरता देखी गई। प्रमुख मूल्य परिवर्तनों में शामिल हैं:
- बेंचमार्क डच अनुबंध (TTF) 0.8% फिसलकर 48.5 प्रति मेगावाट-घंटा के करीब कारोबार कर रहा था।
- ब्रिटिश थोक गैस अनुबंध 116.86 पेंस प्रति थर्म पर स्थिर रहा, जो पिछले सत्र में अपने कई हफ्तों के शिखर से नीचे आ गया था।
यह मामूली गिरावट एक अस्थिर दौर के बाद आई है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजारों में घबराहट भरी बिकवाली देखी गई थी।
भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताएँ
Adकीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव थे। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के साथ एक अंतरिम समझौते को "समाप्त" घोषित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हवाई हमले करने के बाद बाजार में चिंता बढ़ गई।
यह जलमार्ग वैश्विक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के लगभग 20% के पारगमन के लिए महत्वपूर्ण है। यूरोप रूसी पाइपलाइन गैस के नुकसान की भरपाई के लिए वैश्विक LNG आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, खासकर कतर से आने वाले शिपमेंट पर, जो इसी मार्ग से गुजरते हैं।
व्यापक आर्थिक प्रभाव
ऊर्जा कीमतों में यह अस्थिरता यूरोप के लिए एक बड़ी चुनौती है। महाद्वीप में गैस भंडारण सुविधाएं मौसमी ऐतिहासिक औसत से थोड़ी कम हैं, और सर्दियां आने से पहले स्टॉक बनाने की अवधि चल रही है। आपूर्ति में किसी भी तरह की वास्तविक बाधा कीमतों को और बढ़ा सकती है।
थोक गैस की लागत में वृद्धि का असर औद्योगिक और उपभोक्ता बिजली बिलों पर पड़ सकता है, जिससे मुद्रास्फीति पर काबू पाने की कोशिश कर रहे केंद्रीय बैंकों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यह घटनाक्रम यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति की नाजुकता और वैश्विक भू-राजनीति पर उसकी निर्भरता को उजागर करता है।