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बिटमार्ट दिवालियापन प्रस्ताव के बाद, इको बेस ने दावाधारकों का समूह बनाया

डिजिटल एसेट निवेश फर्म इको बेस ने क्रिप्टो एक्सचेंज बिटमार्ट के दावाधारकों की एक तदर्थ समिति (ad hoc committee) का गठन किया है। यह कदम बिटमार्ट द्वारा अपना परिचालन बंद करने और इको बेस द्वारा प्रस्तुत एक वित्त पोषित दिवालियापन पुनर्गठन प्रस्ताव का जवाब देने में विफल रहने के बाद उठाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
क्रिप्टो एक्सचेंज बिटमार्ट ने 26 जुलाई, 2026 को घोषणा की थी कि वह अपना परिचालन बंद कर देगा, जिससे कई ग्राहकों की संपत्ति फ्रीज हो गई। इसके जवाब में, इको बेस ने 6 अगस्त, 2026 को बिटमार्ट प्रबंधन को एक लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस प्रस्ताव में, इको बेस ने पूर्व-नियोजित दिवालियापन फाइलिंग को प्रायोजित करने के लिए $10 मिलियन तक की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य एक व्यवस्थित और न्यायसंगत समाधान का समर्थन करना था, जिससे प्रभावित दावाधारकों की रिकवरी को अधिकतम किया जा सके। हालांकि, बिटमार्ट ने इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
दावाधारकों के लिए इसका क्या मतलब है?
इको बेस द्वारा गठित यह समिति उन ग्राहकों का प्रतिनिधित्व करती है जिनकी बिटमार्ट पर एक महत्वपूर्ण राशि फंसी हुई है। समिति ने अपनी कानूनी लड़ाई के लिए यंग कॉनवे स्टारगैट एंड टेलर, एलएलपी और एशबरी लीगल पीसी को कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है।
Adसमिति की स्थिति यह है कि बिटमार्ट के उपयोगकर्ता समझौते के अनुसार, ग्राहक की संपत्ति का स्वामित्व बिटमार्ट को हस्तांतरित नहीं होता है। यह तर्क फ्रीज की गई संपत्तियों की वसूली के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। समिति अब अनैच्छिक दिवाला कार्यवाही (involuntary insolvency proceeding) सहित विभिन्न कानूनी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है।
इको बेस का पक्ष और आगे की राह
इको बेस के सीईओ रोशन धारिया के अनुसार, "बिटमार्ट के पास अभी भी व्यवस्थित रूप से परिचालन बंद करने का समय है।" उन्होंने कहा कि इको बेस ने एक अदालत की निगरानी वाली प्रक्रिया को फंड करने के लिए पूंजी की पेशकश की है, जो सभी के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रस्ताव को और नजरअंदाज किया गया तो उपलब्ध विकल्प सीमित हो जाएंगे।
इको बेस और समिति अभी भी बिटमार्ट प्रबंधन के साथ फ्रीज की गई संपत्तियों की वापसी या व्यवस्थित प्रशासन के लिए सहमति से बातचीत करने को तैयार हैं। हालांकि, अब तक बिटमार्ट की ओर से किसी भी संचार का कोई जवाब नहीं आया है, जिससे कानूनी टकराव की संभावना बढ़ गई है।