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फेडरल रिजर्व की नीति पर निगाहें, डॉलर बड़ी गिरावट के बाद सपाट

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Jul 12, 20262 min read
फेडरल रिजर्व की नीति पर निगाहें, डॉलर बड़ी गिरावट के बाद सपाट
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अमेरिकी डॉलर सोमवार को सपाट कारोबार कर रहा था, जो पिछले कारोबारी सत्र में अप्रैल के अंत के बाद अपनी सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट से उबरने का संकेत है। मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों का ध्यान अब पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) की मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण पर केंद्रित है।

फेड की नीति पर टिकी निगाहें

डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापता है, 100.85 पर लगभग स्थिर था। गुरुवार को, जून के नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़े उम्मीद से नरम आने के बाद इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई थी। इन आंकड़ों से संकेत मिला कि श्रम बाजार मजबूत है, लेकिन इतना भी गर्म नहीं है कि फेड पर ब्याज दरें बढ़ाने का तत्काल दबाव बने।

निवेशक अब बुधवार को जारी होने वाले फेड की जून बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं ताकि नीति निर्माताओं की सोच के बारे में और जानकारी मिल सके। फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने पिछले महीने संकेत दिया था कि केंद्रीय बैंक भविष्य के लिए मार्गदर्शन देना बंद कर देगा और केवल मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

यूरो और येन की चाल

अन्य प्रमुख मुद्राओं में, यूरो मामूली बढ़त के साथ $1.1441 पर था। यूरोजोन के औद्योगिक उत्पादक कीमतों और खुदरा बिक्री के आंकड़ों के बाद यह हलचल देखी गई।

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  • औद्योगिक उत्पादक कीमतें: यूरोस्टेट के अनुसार, मई में साल-दर-साल 5.9% बढ़ीं, जो मुख्य रूप से ऊर्जा की कीमतों में 14% की वृद्धि के कारण था।
  • खुदरा बिक्री: मई में 0.2% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई।

इस बीच, जापानी येन डॉलर के मुकाबले कमजोर बना हुआ है। USD/JPY जोड़ी 0.4% बढ़कर 162.04 पर पहुंच गई, जो 40 साल के निचले स्तर के करीब है। येन 160 के स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है, एक ऐसा स्तर जिसने अतीत में टोक्यो द्वारा बाजार में हस्तक्षेप को आकर्षित किया है। बैंक ऑफ जापान द्वारा जून में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद येन में कमजोरी बनी हुई है।

बाजार के लिए इसका क्या मतलब है

डॉलर की भविष्य की दिशा काफी हद तक फेड के अगले कदमों पर निर्भर करेगी। इस सप्ताह जारी होने वाले बैठक के मिनट्स ब्याज दरों के भविष्य के पथ पर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक बैंक ऑफ जापान अपनी नीति पर अधिक आक्रामक रुख नहीं अपनाता, तब तक येन पर दबाव बना रह सकता है।

मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बनी रहने की उम्मीद है क्योंकि निवेशक दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे हैं। येन में कमजोरी और जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप का खतरा बाजार में एक और अनिश्चितता जोड़ता है।

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