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फेड के नरम संकेतों से डॉलर में गिरावट, भू-राजनीतिक तनाव का असर फीका पड़ा

Summary
अमेरिकी डॉलर बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवाकर गिरावट में बंद हुआ। फेडरल रिजर्व के नरम नीतिगत संकेतों ने अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी सुरक्षित-निवेश की मांग को बेअसर कर दिया।
अमेरिकी डॉलर बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवाकर मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (safe haven) के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी थी, लेकिन फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद यह बढ़त खत्म हो गई, क्योंकि मिनट्स से मौद्रिक नीति पर नरम रुख का संकेत मिला।
छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को ट्रैक करने वाला यू.एस. डॉलर इंडेक्स 0.1% गिरकर 100.99 पर आ गया।
फेड मिनट्स ने बदला बाजार का मिजाज
बुधवार को जारी फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के मिनट्स से पता चला कि अमेरिकी मौद्रिक नीति निर्माता ब्याज दरों के भविष्य को लेकर काफी अनिश्चित थे और उनके बीच विचारों में विभाजन था। फेड ने पिछले महीने अपनी बेंचमार्क दर को 3.50%-3.75% पर स्थिर रखा था।
मिनट्स के अनुसार, कुछ प्रतिभागियों ने तुरंत दरें बढ़ाने का समर्थन किया, लेकिन अधिकांश का मानना था कि मुद्रास्फीति अपने आप फेड के 2% लक्ष्य की ओर वापस आ सकती है। बाजार ने इस दृष्टिकोण को उम्मीद से अधिक नरम (dovish) माना, खासकर भविष्य के नीतिगत कदमों के संबंध में। नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद से आमतौर पर डॉलर पर दबाव पड़ता है।
भू-राजनीतिक तनाव ने दी थी शुरुआती मजबूती
Adफेड मिनट्स जारी होने से पहले, डॉलर में मजबूती देखी जा रही थी। इसका मुख्य कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव का बढ़ना था। Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की।
इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति के रूप में डॉलर की ओर आकर्षित किया, जिससे शुरुआती कारोबार में इसे समर्थन मिला। इन तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया, और ब्रेंट क्रूड वायदा $80 प्रति बैरल के पार चला गया।
अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
अन्य प्रमुख मुद्राओं में, न्यूजीलैंड के रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में एक चौथाई अंक की बढ़ोतरी के बाद न्यूजीलैंड डॉलर 0.4% बढ़कर $0.5699 पर पहुंच गया। बैंक ने भविष्य में और सख्ती की आवश्यकता का संकेत दिया है।
इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर $0.6930 पर मामूली रूप से मजबूत हुआ। वहीं, डॉलर के मुकाबले जापानी येन कमजोर हुआ, और USD/JPY जोड़ी 0.4% चढ़कर 162.62 पर पहुंच गई, जिससे येन पर दबाव बना रहा।