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ट्रम्प के खुफिया प्रमुख पद के उम्मीदवार ने 2020 चुनाव में बाइडेन की जीत स्वीकार करने से इनकार किया

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Jul 15, 20262 min read
ट्रम्प के खुफिया प्रमुख पद के उम्मीदवार ने 2020 चुनाव में बाइडेन की जीत स्वीकार करने से इनकार किया

Summary

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक पद के उम्मीदवार जे क्लेटन ने अपनी सीनेट सुनवाई के दौरान यह सीधे तौर पर कहने से इनकार कर दिया कि जो बाइडेन ने 2020 का चुनाव जीता था, जिससे खुफिया एजेंसियों की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) पद के उम्मीदवार जे क्लेटन ने बुधवार को अपनी सीनेट पुष्टि सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट्स के बार-बार सवालों के बावजूद यह सीधे तौर पर स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि 2020 के चुनाव में जो बाइडेन की जीत हुई थी। इस घटनाक्रम ने खुफिया समुदाय के राजनीतिकरण और उसकी निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुनवाई में तीखी बहस

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की सुनवाई के दौरान, डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क केली ने क्लेटन पर दबाव डालते हुए पूछा कि क्या वह राष्ट्रपति के साथ असहमत होने की क्षमता रखते हैं। क्लेटन ने सीधे तौर पर बाइडेन की जीत को स्वीकार करने के बजाय केवल यह कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के रूप में "प्रमाणित" (certified) किया गया था। उन्होंने यह भी कहा, "मैं चुनाव से इनकार करने वाला नहीं हूं।"

यह घटनाक्रम राष्ट्रपति ट्रम्प के उन दावों की पृष्ठभूमि में हुआ है जिनमें उन्होंने अमेरिकी चुनावों को "धांधलीपूर्ण" बताया था और 2020 में अपनी हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। क्लेटन के इस रुख से सुनवाई में माहौल गरमा गया, क्योंकि डेमोक्रेट्स उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर आश्वासन चाहते थे।

खुफिया एजेंसियों के राजनीतिकरण पर चिंता

कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट, सीनेटर मार्क वार्नर ने खुफिया जानकारी के "बार-बार राजनीतिकरण के प्रयासों" को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने क्लेटन से आग्रह किया कि वे इस तरह के दबावों से बचें। वार्नर ने कार्यवाहक DNI बिल पुल्टे द्वारा संवेदनशील खुफिया जानकारी के संभावित दुरुपयोग पर भी चिंता जताई, जिसे ट्रम्प गुरुवार को अपने राष्ट्रीय संबोधन में जारी करने वाले हैं।

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राष्ट्रीय खुफिया निदेशक का पद अमेरिका की 18 खुफिया एजेंसियों की देखरेख करता है और राष्ट्रपति के शीर्ष खुफिया सलाहकार के रूप में कार्य करता है। इस भूमिका के लिए गैर-पक्षपाती होना और ऐसे खुफिया विश्लेषण प्रस्तुत करना आवश्यक है जो राष्ट्रपति के विचारों का समर्थन न भी करते हों।

अन्य विवाद और आगे की राह

सुनवाई के दौरान क्लेटन से मैनहट्टन के अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में उनकी वर्तमान भूमिका में न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी किए गए समन के बारे में भी सवाल किया गया। क्लेटन ने इसका बचाव करते हुए कहा कि यह "एक चल रही राष्ट्रीय सुरक्षा जांच के सिलसिले में" था।

क्लेटन के पास पारंपरिक खुफिया एजेंसी का व्यापक अनुभव नहीं है, लेकिन उन्होंने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के अध्यक्ष और अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में सुरक्षा मामलों पर काम करने का हवाला दिया। कमेटी के रिपब्लिकन अध्यक्ष, सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा कि वह अगले सप्ताह की शुरुआत में क्लेटन के नामांकन पर मतदान कराने का इरादा रखते हैं, जिसके बाद इसे पूर्ण सीनेट में विचार के लिए भेजा जाएगा।

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