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डैंगोट रिफाइनरी के सीईओ: ईरान युद्ध के बाद भी ईंधन की कमी जारी रहेगी

Summary
नाइजीरिया की डैंगोट रिफाइनरी के सीईओ का कहना है कि रिफाइनरियों को हुए नुकसान और इन्वेंट्री को फिर से बनाने की जरूरत के कारण ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद भी वैश्विक ईंधन की कमी बनी रहेगी।
नाइजीरिया की डैंगोट ऑयल रिफाइनरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेविड बर्ड के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद भी ईंधन की कमी लंबे समय तक बनी रहेगी। इसका मुख्य कारण रिफाइनरियों को हुआ नुकसान और इन्वेंट्री को फिर से बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
कमी के प्रमुख कारण
बर्ड ने बताया कि उद्योग ने ईरान संघर्ष में उच्च रिफाइनरी उपयोग दरों के साथ प्रवेश किया था। मध्य पूर्व की रिफाइनरियों को मौजूदा मांग के स्तर को पूरा करने की कोशिश करते हुए रखरखाव में देरी और युद्ध-संबंधी क्षति का सामना करना पड़ा है।
बर्ड ने कहा कि कई देश अब आपूर्ति सुरक्षा पर भी चर्चा कर रहे हैं और अपने स्टॉक स्तर को बढ़ा रहे हैं। इस वजह से बाजारों को सामान्य होने में और भी अधिक समय लगेगा।
बाजार पर असर और कंपनी का प्रदर्शन
Adअमेरिका और ईरान के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्षों से इस साल डैंगोट रिफाइनरी को फायदा हुआ है। इन संघर्षों ने वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता को नुकसान पहुंचाया है और निर्यात को बाधित किया है, जिससे गैसोलीन और डीजल की वैश्विक कमी हो गई है।
सोमवार को जारी कंपनी के आईपीओ प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, रिफाइनरी ने पहली छमाही में $1.82 बिलियन का कर-पश्चात लाभ दर्ज किया। यह पिछले पूरे साल के $476 मिलियन के घाटे से एक बड़ा बदलाव है।
विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना
इन वैश्विक परिस्थितियों के बीच, कंपनी अपनी क्षमता को दोगुना करने की तैयारी कर रही है ताकि वह दुनिया की सबसे बड़ी सुविधा, भारत की जामनगर रिफाइनरी के बराबर हो सके। इसके अतिरिक्त, कंपनी केन्या में दूसरी रिफाइनरी बनाने की भी योजना बना रही है।