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USDA की रिपोर्ट के बाद मक्के के वायदा भाव में उछाल, आपूर्ति घटने का अनुमान

Summary
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) द्वारा आपूर्ति घटने और निर्यात मज़बूत रहने का अनुमान जताने के बाद शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर मक्के की कीमतों में तेज़ी आई।
अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की एक रिपोर्ट के बाद बुधवार को शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर मक्के के वायदा भाव में तेज़ी आई, जिसमें कम आपूर्ति और मज़बूत निर्यात का अनुमान लगाया गया है। इस रिपोर्ट के असर से सोयाबीन और गेहूं के वायदा भाव में भी बढ़ोतरी देखी गई।
बाज़ार की मुख्य हलचल
CBOT पर सबसे सक्रिय मक्के का वायदा भाव 18-1/4 सेंट बढ़कर $4.78 प्रति बुशेल पर पहुँच गया। यह बढ़ोतरी USDA की उस रिपोर्ट के बाद हुई जिसने बाज़ार की धारणा को प्रभावित किया।
इसके साथ ही, अन्य कृषि जिंसों में भी सकारात्मक रुझान दिखा:
- सोयाबीन का भाव 12-1/4 सेंट बढ़कर $11.81 प्रति बुशेल हो गया।
- गेहूं की कीमतों में 23-1/4 सेंट की बड़ी छलांग देखी गई और यह $6.53-3/4 प्रति बुशेल पर पहुँच गया।
USDA रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
AdUSDA ने अनुमान लगाया है कि 2026/27 सीज़न के अंत में अमेरिका का मक्का भंडार घटकर 1.653 अरब बुशेल रह जाएगा। यह जुलाई के 1.790 अरब बुशेल के अनुमान से कम है। एजेंसी के अनुसार, इस संशोधन का मुख्य कारण मक्के का मज़बूत निर्यात और सीज़न की शुरुआत में कम आपूर्ति का होना है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी किसान इस शरद ऋतु में देश की दूसरी सबसे बड़ी मक्के की फसल काटेंगे। गर्मियों के प्रतिकूल मौसम के कारण पैदावार में कमी आई, लेकिन ज़्यादा रकबे में बुआई होने से इसकी भरपाई हो गई।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
गेहूं की कीमतों में आई तेज़ी का एक बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव है। यूक्रेन द्वारा रूस के नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह पर अनाज टर्मिनलों पर हमला किए जाने के बाद वैश्विक बाज़ारों में आपूर्ति बाधित होने की चिंता बढ़ गई है। यह बंदरगाह रूस से गेहूं निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की आशंका है।