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चीन ने ईरानी तेल की खरीद 40% घटाई: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव बेसेन्ट

Summary
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, चीन ने हाल के महीनों में ईरान से कच्चे तेल की खरीद में लगभग 40% की कटौती की है। यह कमी अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण हुई है और इससे ईरान के तेल राजस्व पर काफी दबाव पड़ रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने मंगलवार को कहा कि चीन ने हाल के महीनों में ईरान से अपनी कच्चे तेल की खरीद में लगभग 40% की कटौती की है। फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए एक बयान में, उन्होंने कहा कि इस गिरावट से ईरान के तेल राजस्व में उल्लेखनीय कमी आ रही है।
अमेरिकी प्रतिबंधों का असर
बेसेन्ट ने बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा चीन की निजी स्वामित्व वाली 'टीपॉट' रिफाइनरियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण यह गिरावट आई है। इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद इन रिफाइनरियों ने ईरान से तेल की खरीद में भारी कमी कर दी है।
यह कदम ईरान के राजस्व स्रोतों पर दबाव डालने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है। टीपॉट रिफाइनरियां ईरानी तेल की प्रमुख खरीदार रही हैं, और उन पर लक्षित कार्रवाई का सीधा असर ईरान के निर्यात पर दिख रहा है।
ईरान पर बढ़ता दबाव और बाजार का संदर्भ
Adट्रेजरी सचिव के अनुसार, चीन द्वारा खरीद में कमी सीधे तौर पर ईरानी सरकार पर दबाव डाल रही है। तेल निर्यात ईरान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, और इसमें किसी भी बड़ी गिरावट का देश के वित्तीय हालात पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
बेसेन्ट ने यह भी उल्लेख किया कि मौजूदा कीमतों और चीन के विशाल रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के कारण चीन की समग्र कच्चे तेल की खरीद में भी कमी आई है। यह वैश्विक तेल बाजारों के लिए एक व्यापक संदर्भ प्रदान करता है, जहां मांग के पैटर्न बदल रहे हैं।
AI प्रौद्योगिकी पर भी चिंता व्यक्त की
तेल के मुद्दे से अलग, बेसेन्ट ने चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई चीनी AI मॉडलों में अमेरिकी लार्ज लैंग्वेज मॉडल के "वॉटरमार्क" पाए गए हैं, जिसे उन्होंने "अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन आने वाले दिनों या हफ्तों में इस मुद्दे की आगे जांच करेगा।